{"_id":"6857e71afa9c5f7fe50ecc22","slug":"ec-mulls-concerted-house-to-house-verification-during-electoral-roll-revision-before-bihar-polls-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"EC: बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की जांच; घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन की योजना पर निर्वाचन आयोग कर रहा विचार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
EC: बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की जांच; घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन की योजना पर निर्वाचन आयोग कर रहा विचार
Sun, 22 Jun 2025 04:51 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 22 Jun 2025 04:51 PM IST
सार
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा से पहले वोटर लिस्ट की जांच के दौरान चुनाव आयोग घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन की योजना पर विचार कर रहा है। अगर आयोग इसे लागू करता है, तो यह सभी के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है। इससे फर्जी वोटिंग की संभावना कम होगी और लोकतंत्र में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
विज्ञापन
चुनाव आयोग
- फोटो : PTI
विस्तार
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (ईसी) मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है।
क्यों जरूरी पड़ा यह कदम?
हाल के वर्षों में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने या गलत तरीके से जोड़े जाने को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस समेत कई दलों ने आरोप लगाया है कि आयोग वोटर लिस्ट में हेरफेर कर सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचा रहा है।
यह भी पढ़ें - BMC Election: चुनाव से पहले शिवसेना-मनसे गठबंधन की चर्चा तेज, संजय राउत बोले- फैसला सिर्फ ठाकरे भाइयों का होगा
विज्ञापन
आरोपों पर चुनाव आयोग ने क्या दी सफाई?
वहीं तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी प्रक्रिया एक तय प्रोटोकॉल और सभी राजनीतिक दलों की निगरानी में पारदर्शी ढंग से करते हैं। इसके बावजूद आयोग पर मनमाने ढंग से आंकड़े बढ़ाने के आरोप लगाए जाते हैं, जो निराधार हैं।
क्या है घर-घर सत्यापन प्रक्रिया?
यह भी पढ़ें - DGCA: अहमदाबाद विमान हादसे के बाद डीजीसीए का बड़ा कदम, व्यापक ऑडिट के लिए नया ढांचा शुरू
सूत्रों ने बताया कि प्रणाली को मजबूत और किसी भी तरह की त्रुटि से मुक्त बनाने के लिए, चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों से पहले आगामी मतदाता सूची संशोधन के दौरान मतदाता सूचियों को शुद्ध करने के लिए घर-घर जाकर गहन सत्यापन करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों का ऐसा गहन और कड़ा संशोधन पहले भी किया जा चुका है और आखिरी बार ऐसा अभ्यास 2004 में किया गया था।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म
बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है। राज्य में राजनीतिक माहौल भी गर्माया हुआ है और ऐसे में वोटर लिस्ट मुद्दा काफी अहम बन चुका है। फिलहाल राज्य में जनता दल (यू), भाजपा और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा का एनडीए गठबंधन सत्ता में काबिज है। वहीं विपक्ष में राजद और कांग्रेस के साथ-साथ कई अन्य दल भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
क्यों जरूरी पड़ा यह कदम?
हाल के वर्षों में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने या गलत तरीके से जोड़े जाने को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस समेत कई दलों ने आरोप लगाया है कि आयोग वोटर लिस्ट में हेरफेर कर सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचा रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - BMC Election: चुनाव से पहले शिवसेना-मनसे गठबंधन की चर्चा तेज, संजय राउत बोले- फैसला सिर्फ ठाकरे भाइयों का होगा
विज्ञापन
आरोपों पर चुनाव आयोग ने क्या दी सफाई?
वहीं तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी प्रक्रिया एक तय प्रोटोकॉल और सभी राजनीतिक दलों की निगरानी में पारदर्शी ढंग से करते हैं। इसके बावजूद आयोग पर मनमाने ढंग से आंकड़े बढ़ाने के आरोप लगाए जाते हैं, जो निराधार हैं।
क्या है घर-घर सत्यापन प्रक्रिया?
- हर घर जाकर नाम, पता, उम्र, फोटो आदि की जांच की जाएगी।
- अगर किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से जुड़ा है या हटाया गया है, तो उसे ठीक किया जाएगा
- नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा।
- मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जाएंगे।
यह भी पढ़ें - DGCA: अहमदाबाद विमान हादसे के बाद डीजीसीए का बड़ा कदम, व्यापक ऑडिट के लिए नया ढांचा शुरू
सूत्रों ने बताया कि प्रणाली को मजबूत और किसी भी तरह की त्रुटि से मुक्त बनाने के लिए, चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों से पहले आगामी मतदाता सूची संशोधन के दौरान मतदाता सूचियों को शुद्ध करने के लिए घर-घर जाकर गहन सत्यापन करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों का ऐसा गहन और कड़ा संशोधन पहले भी किया जा चुका है और आखिरी बार ऐसा अभ्यास 2004 में किया गया था।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म
बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है। राज्य में राजनीतिक माहौल भी गर्माया हुआ है और ऐसे में वोटर लिस्ट मुद्दा काफी अहम बन चुका है। फिलहाल राज्य में जनता दल (यू), भाजपा और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा का एनडीए गठबंधन सत्ता में काबिज है। वहीं विपक्ष में राजद और कांग्रेस के साथ-साथ कई अन्य दल भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन