ECI: एमपी-राजस्थान समेत पांच राज्यों में चुनाव की सुगबुगाहट, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के निर्देश जारी
चुनाव आयोग (ईसी) ने मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव से सीधे जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें जो अपने गृह जिलों में तैनात हैं और जिन्होंने पिछले चार साल में से तीन साल एक ही जिले में बिताए हैं।
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अगले कुछ महीनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनकी तैयारियों के बीच चुनाव आयोग (ईसी) ने मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव से सीधे जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें जो अपने गृह जिलों में तैनात हैं और जिन्होंने पिछले चार साल में से तीन साल एक ही जिले में बिताए हैं।
आयोग ने दो जून को पांच राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा था, जिसमें उन्हें याद दिलाया गया कि मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और तेलंगाना विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है।
पत्र में आयोग ने कहा कि वह 'सतत नीति' का पालन कर रहा है कि चुनावी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कराने से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता है जहां उन्होंने काफी लंबे समय तक सेवा दी है। इसलिए आयोग ने फैसला किया है कि चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी अधिकारी को मौजूदा जिले (राजस्व जिले) में पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी, अगर वह अपने गृह जिले में तैनात है।
यह नीति उन लोगों पर भी लागू होगी जिन्होंने पिछले चार वर्षों के दौरान उस जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या मिजोरम के मामले में 31 दिसंबर या उससे पहले तीन साल पूरे कर लिए हैं। आयोग ने कहा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना के मामले में 31 जनवरी, 2024 को तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों पर भी यह नीति लागू होगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ये निर्देश रेंज आईजी, डीआईजी, राज्य सशस्त्र पुलिस के कमांडेंट, एसएसपी, एसपी, अतिरिक्त एसपी, उप-मंडल प्रमुखों, एसएचओ, निरीक्षकों, उप-निरीक्षकों, सार्जेंट मेजर या समकक्ष रैंक के पुलिस अधिकारियों पर भी लागू होंगे, जो चुनाव के समय जिले में सुरक्षा व्यवस्था या पुलिस बलों की तैनाती के लिए जिम्मेदार हैं।