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Politics: कांग्रेस का आरोप- भाजपा की शाखा जैसा बर्ताव कर रहा चुनाव आयोग, SIR को किस रणनीति का हिस्सा बताया?
Sun, 05 Jul 2026 08:12 PM IST
Pavan
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 05 Jul 2026 08:12 PM IST
सार
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मतदाता सूची का SIR गलत तरीके से किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की और आरोप लगाया कि भाजपा SIR के जरिए चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
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जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ईसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की बजाय भाजपा के 'हथियार' की तरह काम कर रहा है। पार्टी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का इस्तेमाल भाजपा अपनी चुनावी बढ़त बनाने के लिए कर रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची के संशोधन के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके से चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया को चला रहा है, उस पर गंभीर सवाल हैं।
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'भारतीय नागरिकों के नाम हटाए जा रहे'
जयराम रमेश ने कहा कि केवल भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार होना चाहिए, इस बात से किसी को आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, तो इससे SIR की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लाखों लोगों का मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील
कांग्रेस नेता ने बताया कि विपक्ष के 24 दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से काम करे तथा किसी भी भारतीय नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से न हटे।
'2024 के बाद शुरू हुई रणनीति'
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने SIR को राजनीतिक रणनीति के रूप में अपनाया। उनके मुताबिक इसकी शुरुआत पहले बिहार और महाराष्ट्र में हुई और अब इसे कई अन्य राज्यों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने इसे "बड़े पैमाने पर वोट चोरी" करार दिया।
कर्नाटक को लेकर भी जताई चिंता
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने कर्नाटक के सभी विधायकों के साथ बैठक की है और SIR प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। उनका आरोप है कि हर विधानसभा क्षेत्र में 5,000 से 10,000 वोट हटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पूरी सतर्कता बरत रही है और सभी जरूरी कदम उठा रही है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
वहीं, भारत निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत मृत, डुप्लीकेट, दूसरे स्थान पर जा चुके, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं और विदेशी नागरिकों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, ताकि मतदाता सूची साफ और अद्यतन रहे।
यह भी पढ़ें- Air India Express: विदेश घूमने का सपना अब सस्ता! यह एयरलाइन कंपनी दे रही 15% तक की छूट, जानें पूरी डिटेल
किन राज्यों में चल रहा है SIR?
चुनाव आयोग ने SIR का तीसरा चरण 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया है, जिसमें करीब 36.73 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इनमें दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। इससे पहले बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
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'भारतीय नागरिकों के नाम हटाए जा रहे'
जयराम रमेश ने कहा कि केवल भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार होना चाहिए, इस बात से किसी को आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, तो इससे SIR की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लाखों लोगों का मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील
कांग्रेस नेता ने बताया कि विपक्ष के 24 दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से काम करे तथा किसी भी भारतीय नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से न हटे।
'2024 के बाद शुरू हुई रणनीति'
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने SIR को राजनीतिक रणनीति के रूप में अपनाया। उनके मुताबिक इसकी शुरुआत पहले बिहार और महाराष्ट्र में हुई और अब इसे कई अन्य राज्यों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने इसे "बड़े पैमाने पर वोट चोरी" करार दिया।
कर्नाटक को लेकर भी जताई चिंता
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने कर्नाटक के सभी विधायकों के साथ बैठक की है और SIR प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। उनका आरोप है कि हर विधानसभा क्षेत्र में 5,000 से 10,000 वोट हटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पूरी सतर्कता बरत रही है और सभी जरूरी कदम उठा रही है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
वहीं, भारत निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत मृत, डुप्लीकेट, दूसरे स्थान पर जा चुके, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं और विदेशी नागरिकों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, ताकि मतदाता सूची साफ और अद्यतन रहे।
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किन राज्यों में चल रहा है SIR?
चुनाव आयोग ने SIR का तीसरा चरण 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया है, जिसमें करीब 36.73 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इनमें दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। इससे पहले बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।