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Earthquake: पालघर में एक घंटे के भीतर दो भूकंप के झटके, अब तक कोई नुकसान नहीं; पिछले महीने भी कांपी थी धरती
Tue, 11 Aug 2026 08:59 AM IST
Pavan
पीटीआई, पालघर
पीटीआई, पालघर
Published by: Pavan
Updated Tue, 11 Aug 2026 08:59 AM IST
सार
Earthquake In Palghar: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक घंटे के भीतर 3.4 तीव्रता के दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोनों का केंद्र जव्हार तालुका में पांच किलोमीटर गहराई पर था। हालांकि, भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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पालघर में एक घंटे के भीतर दो भूकंप के झटके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 रही। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, पहला झटका सोमवार रात 10 बजकर 04 मिनट पर आया। इसके करीब एक घंटे बाद रात 11 बजे फिर 3.4 तीव्रता का भूकंप आया।
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जमीन से पांच किमी नीचे थे भूकंप का केंद्र
जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि दोनों झटकों का केंद्र जव्हार तालुका में जमीन से करीब पांच किलोमीटर की गहराई में था। लगातार दो झटके आने से स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसी इमारत को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।
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पिछले महीने जिले में तीन बार कांपी थी धरती
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहने और भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सामान्य सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। पालघर मुंबई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है। जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। पिछले महीने भी पालघर में तीन बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।
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जमीन से पांच किमी नीचे थे भूकंप का केंद्र
जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि दोनों झटकों का केंद्र जव्हार तालुका में जमीन से करीब पांच किलोमीटर की गहराई में था। लगातार दो झटके आने से स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसी इमारत को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।
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पिछले महीने जिले में तीन बार कांपी थी धरती
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहने और भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सामान्य सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। पालघर मुंबई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है। जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। पिछले महीने भी पालघर में तीन बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।
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भूकंप से बचाव के लिए क्या करें।
- फोटो : अमर उजाला
भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
यदि आप घर के अंदर हों
यदि आप घर के बाहर हों
यदि किसी चलते वाहन में हों
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
यदि आप घर के अंदर हों
- आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं।
- यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
- किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
- सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
यदि आप घर के बाहर हों
- यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
- यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।
यदि किसी चलते वाहन में हों
- जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
- सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।