{"_id":"636c8f4dce56ec331a17a25b","slug":"earthquake-in-arunachal-pradesh-magnitude-5-7-jolts-west-siang-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"Arunachal Earthquake: भूकंप के झटकों से कांपा अरुणाचल प्रदेश, रिक्टर स्केल पर 5.7 रही तीव्रता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Arunachal Earthquake: भूकंप के झटकों से कांपा अरुणाचल प्रदेश, रिक्टर स्केल पर 5.7 रही तीव्रता
Thu, 10 Nov 2022 11:14 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियांग
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 10 Nov 2022 11:14 AM IST
सार
अरुणाचल प्रदेश में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.7 थी। यह झटके पश्चिम सियांग जिले में महसूस किए गए।
विज्ञापन
Earthquake
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.7 थी। यह झटके पश्चिम सियांग जिले में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के बासर से 52 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपश्चिम (NNW) में था। भूकंप भारतीय समयानुसार 10:31 AM बजे सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में आया। जानकारी मिलने तक
विज्ञापन
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
विज्ञापन
भूकंप की तीव्रता क्या है?
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
विज्ञापन
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।