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India-China: सीमा पर तनाव के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने चीनी समकक्ष से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
Fri, 03 Mar 2023 02:13 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 03 Mar 2023 02:13 PM IST
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अपने चीनी समकक्ष के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर।
- फोटो : ANI
भारत-चीन के बीच चल रही तनातनी किसी से छिपी नहीं है। वैश्विक मंचों पर भारत ने कई बार चीन को आईना दिखाया है। इस बीच गुरुवार को विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने दिल्ली में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर द्विपक्षीय बैठक की। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस मुलाकात के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों में शांति बहाली को लेकर चर्चा हुई।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया "हमारी चर्चा द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों में शांति के लिए वर्तमान चुनौतियों को संबोधित करने पर केंद्रित थी। हमने जी20 एजेंडे के बारे में भी बात की।"
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#WATCH | EAM Dr S Jaishankar & Chinese Foreign Minister Qin Gang hold a bilateral meeting on the sidelines of G20 Foreign Ministers' meeting in Delhi pic.twitter.com/ZKymDEkXQN
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 2, 2023
जयशंकर ने कही यह बात
चीन को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे रिश्ते में वास्तविक समस्याएं हैं । इनके निपटान के लिए हमारे बीच बहुत खुलकर और स्पष्ट रूप से चर्चा करने की आवश्यकता है। चीनी समकक्ष से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा कि इस बैठक का फोकस हमारे द्विपक्षीय संबंधों और उसमें मौजूद चुनौतियों के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और अमन-चैन पर था।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जी20 प्रेसीडेंसी द्वारा आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की यह सबसे बड़ी सभा थी। इसमें हमने सभी G20 देशों की भागीदारी देखी। इस दौरान उन्होंने आने वाले समय में युद्धों और आतंकवाद को रोकने के मामले में बहुपक्षवाद आज संकट में है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने हमें इस बारे में सोचने की सलाह दी है कि "हमें क्या एकजुट करता है और क्या विभाजित करता है"। पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को आवाज देना महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया इन देशों को वास्तव में अस्थिर ऋण और ग्लोबल वार्मिंग के मामले में पिछड़ते हुए देख रही थी।
उन्होंने आगे कहा कि पहली बार G20 के विदेश मंत्रियों ने नशीले पदार्थों के विषय पर चर्चा की। साथ ही इस संबंध में समावेशी और मजबूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि G20 बैठक में रूस और यूक्रेन के मुद्दों की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
सीमा पर स्थिति सामान्य बनाने पर काम किया जाए: चीनी विदेश मंत्री
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच सीमा पर स्थिति सामान्य करने को लेकर चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि भारत और चीन को द्विपक्षीय संबंधों में सीमा मुद्दे को सही स्थान पर रखना चाहिए और अपनी सीमाओं पर स्थिति सामान्य बनाने के लिए यथाशीघ्र मिलकर काम करना चाहिए।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के हवाले से कहा, “किन ने जयशंकर से कहा कि दोनों पक्षों को दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना, संवाद बनाए रखना, विवादों को सही ढंग से सुलझाना, और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार को बढ़ावा देना व लगातार मजबूत बनाना चाहिए।” किन ने कहा, " द्विपक्षीय संबंधों में सीमा मुद्दे को उचित स्थान पर रखा जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी हो सके, सीमाओं पर स्थिति को सामान्य बनाना चाहिए।
विदेश मंत्री बनने के बाद किन की पहली भारत यात्रा
गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्री किन गैंग की पिछले दिसंबर में अपने पूर्ववर्ती वांग यी से पद संभालने के बाद किन की भारत की यह पहली यात्रा है और एस जयशंकर के साथ यह उनकी पहली मुलाकात भी है। दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले, बुधवार को कहा था कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच एक मजबूत संबंध है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन और भारत प्राचीन सभ्यताएं हैं और दोनों में एक अरब से अधिक लोग रहते हैं। हम पड़ोसी हैं और दोनों उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं हैं। एक मजबूत चीन-भारत संबंध दोनों देशों और लोगों के मौलिक हितों को पूरा करता है।
दोनों देशों के बीच जारी है तनाव
मई 2020 में दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख सैन्य गतिरोध के बाद से चीन और भारत के बीच संबंध खराब हो गए हैं। गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य कमांडरों की 17 दौर की वार्ता हो चुकी है। भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति नहीं होगी तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते।