जयशंकर ने कतर में कारोबारी हस्तियों से मुलाकात की, भारत में निवेश के अवसर बताए
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कतर में व्यापार जगत की दिग्गज हस्तियों से मुलाकात की और भारत में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता की सराहना की।
Began my Qatar visit with India-Qatar Business Roundtable. Appreciate the commitment for strengthening our business partnerships. Briefed them about new opportunities flowing from Atmanirbhar Bharat. Thank Sheikh Khalifa & Sheikh Faisal, Chairpersons of QCCI & QBA: EAM Jaishankar pic.twitter.com/22JcJcPaC4
— ANI (@ANI) December 27, 2020विज्ञापन
विदेश मंत्री ने भारत-कतर व्यापार गोलमेज सम्मेलन से अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने ट्वीट किया, ''व्यापार साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्हें आत्मनिर्भर भारत के तहत नए अवसरों के बारे में जानकारी दी। शेख खलीफा और शेख फैसल, क्यूसीसीआई (कतर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) और क्यूबीए (कतरी बिजनेस एसोसिएशन) के अध्यक्षों को धन्यवाद।''
जयशंकर खाड़ी देश की दो दिवसीय यात्रा पर हैं, जो विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली यात्रा है। वहां पर उन्होंने अपने कतरी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में जयशंकर ने कतर के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मुहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल-थानी से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर वार्ता की। जयशंकर ने कतर के खलीफा से भी मुलाकात की।
जयशंकर ने मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में बताया
बयान में कहा गया है कि दोनों देश अपना व्यापार और निवेश अब और बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी के तहत जयशंकर ने अपने समकक्ष को भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में बताया। कहा कि भारत अब आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए वहां पर निवेश बढ़ाकर आपसी रिश्तों को मजबूत किया जा सकता है और लाभ कमाया जा सकता है।
Virtually interacted with the Indian community in Qatar. Appreciate their contribution to meeting the COVID challenge. Urged their participation in the development of New India: External Affairs Minister Dr S Jaishankar pic.twitter.com/611nBnynHw
— ANI (@ANI) December 27, 2020
जयशंकर ने कतर नेशनल म्यूजियम का दौरा भी किया। उन्होंने कहा कि भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक संपर्क रहे हैं और गुजरात वाणिज्य और संपर्कों के लिए एक महत्वपूर्ण द्वार था। इसके अलावा उन्होंने भारतीय समुदाय के साथ बातचीत भी की।
विदेश मंत्रालय की ओर जारी बयान में कहा गया है कि भारत के कतर के साथ नजदीकी रिश्ते हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक, सांस्कृ तिक और नागरिक स्तर पर रिश्ते हैं। वहां पर बड़ी संख्या में भारतीय कार्य करते हैं, जो वहां की तरक्की में बड़ा योगदान दे रहे हैं। कतर में सात लाख से ज्यादा भारतीय मूल के लोग हैं और दोनों देशों का 2019-20 में व्यापार 10.95 अरब डॉलर (करीब 80 हजार करोड़ रुपये) का रहा।