राफेल पर अब ईमेल बम से लोकसभा में भूचाल, बीच में ही स्थगित हुआ प्रश्नकाल
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लोकसभा में मंगलवार को राफेल सौदे पर ईमेल बम से भूचाल आया। कांग्रेस ने एक ईमेल के हवाले से आरोप लगाया कि भले ही देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को इस सौदे की जानकारी नहीं थी, मगर उद्योगपति अनिल अंबानी को उस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे में राफेल सौदे पर मुहर लगने की जानकारी थी। हालांकि इस मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के क्लीन चिट के बावजूद कांग्रेस जनता की आंखों में धूल झोंकने की राजनीति कर रही है। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण प्रश्नकाल को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
शून्यकाल में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईमेल का जिक्र करते हुए कहा कि सौदा तय होने से पूर्व फ्रांस पहुंचे अंबानी ने दस दिनों के अंदर सौदे पर मुहर लगने की बात की थी। इसके बारे में तब रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री सहित इससे जुड़े मंत्रालय के अधिकारी तक अनभिज्ञ थे। खड़गे ने कहा कि इसलिए कांग्रेस चाहती है कि इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति करे। इस दौरान खड़गे ने पीएम मोदी पर डरने का आरोप लगाया।
जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस बार-बार असत्य बोल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इस मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को क्लीन चिट दी है। इसी सदन में सरकार और विपक्ष दोनों ने अपना अपना पक्ष रखा है। मगर कांग्रेस जनता की आंखों में धूल झोंकने की राजनीति कर रही है। यह उचित नहीं है। इस मुद्दे पर बाद में कांग्रेस ने सदन का वॉकआउट किया।