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BSF: बीएसएफ प्रहरियों के लिए 'ई-लीव मॉड्यूल' लॉन्च, अब एक क्लिक पर होगा छुट्टी का आवेदन; जान सकेंगे स्टेट्स
Mon, 22 Sep 2025 07:31 PM IST
बशु जैन
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 22 Sep 2025 07:31 PM IST
सार
'ई-लीव मॉड्यूल' की मदद से बीएसएफ कर्मी अब छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, अपने आवेदन की स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं। बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के छुट्टी विस्तार का अनुरोध कर सकते हैं।
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BSF
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 272447 प्रहरियों (स्वीकृत संख्या 1/1/2025 के अनुसार) के लिए 'ई-लीव मॉड्यूल' लॉन्च किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि अब एक क्लिक के जरिए सिपाही से लेकर एडीजी तक के अधिकारी छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, एक क्लिक से ही वे अपने आवेदन का स्टेट्स भी जान सकेंगे। इसके अलावा किस कार्मिक की किस मद में कितनी छुट्टियां बची हुई हैं, यह भी एक सेकेंड में पता चल जाएगा। यह पहल फोर्स में न केवल दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगी, बल्कि अनावश्यक देरी को भी खत्म करेगी। मैन्युअल कागजी कार्रवाई की चुनौतियां भी कम होंगी।
सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने प्रहरी मोबाइल एप्लिकेशन के ई-लीव मॉड्यूल का उद्घाटन किया है। खास बात है कि इस एप्लिकेशन को 'सीमा सुरक्षा बल' की सूचना एवं प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा विकसित किया गया है। यह पहल सीमा पर तैनात बीएसएफ कर्मियों को डिजिटल सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ई-लीव प्रणाली छुट्टी के आवेदन, अनुमोदन और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाएगी।
मौजूदा सिस्टम यानी मैनुअल प्रक्रिया में छुट्टी का आवेदन, एक पेज पर लिखकर देना होता था। उसके बाद वह संबंधित अधिकारी की टेबल तक पहुंचता था। अगर विभाग के हेड की तरफ से वह आवेदन स्वीकृत होता है तो फिर वह सूचना भी उसी प्रक्रिया के जरिए वापस आवेदक के पास पहुंचती है। आदेश का यह मूवमेंट कई स्तरों से होकर गुजरता है। इतना ही नहीं, जब छुट्टी मंजूर हो जाती है तो उसकी एक प्रति सर्विस रिकॉर्ड के लिए भी जाती है। उसी से सर्विस रिकॉर्ड अपडेट होता है। कई बार कार्मिकों को यह ध्यान में नहीं रहता कि उसकी किस मद यानी सीएल/ईएल में कितनी छुट्टियां बची हैं। ऐसे में कार्मिक जाने अनजाने ज्यादा छुट्टी ले लेता है। जब उसे दोबारा से छुट्टी की जरुरत होती है तो उसे मालूम चलता है कि उसकी छुट्टी तो बहुत कम बची हैं।
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'ई-लीव मॉड्यूल' की मदद से बीएसएफ कर्मी अब छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, अपने आवेदन की स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं। बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के छुट्टी विस्तार का अनुरोध कर सकते हैं। यह सेवा रिकॉर्ड के स्वचालित अद्यतन को भी सुनिश्चित करेगी, जिससे व्यक्तिगत प्रहरी और संगठन दोनों को लाभ होगा। यानी किसी कार्मिक का सर्विस रिकॉर्ड अब खुद ब खुद अपडेट हो जाएगा। कोई भी कार्मिक कभी भी उस रिकॉर्ड को चेक कर सकता है। बीएसएफ में बॉर्डर ड्यूटी वाले कार्मिकों एक साल में साठ दिन की ईएल और 15 दिन की सीएल मिलती हैं। अगर कोई कार्मिक ऐसी जगह पर तैनात है, यानी किसी मुख्यालय आदि में, जहां पर पांच दिन का कार्यदिवस होता है तो उस स्थिति में कार्मिक को 30 दिन की ईएल और आठ दिन की सीएल मिलती हैं।
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सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने प्रहरी मोबाइल एप्लिकेशन के ई-लीव मॉड्यूल का उद्घाटन किया है। खास बात है कि इस एप्लिकेशन को 'सीमा सुरक्षा बल' की सूचना एवं प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा विकसित किया गया है। यह पहल सीमा पर तैनात बीएसएफ कर्मियों को डिजिटल सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ई-लीव प्रणाली छुट्टी के आवेदन, अनुमोदन और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाएगी।
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मौजूदा सिस्टम यानी मैनुअल प्रक्रिया में छुट्टी का आवेदन, एक पेज पर लिखकर देना होता था। उसके बाद वह संबंधित अधिकारी की टेबल तक पहुंचता था। अगर विभाग के हेड की तरफ से वह आवेदन स्वीकृत होता है तो फिर वह सूचना भी उसी प्रक्रिया के जरिए वापस आवेदक के पास पहुंचती है। आदेश का यह मूवमेंट कई स्तरों से होकर गुजरता है। इतना ही नहीं, जब छुट्टी मंजूर हो जाती है तो उसकी एक प्रति सर्विस रिकॉर्ड के लिए भी जाती है। उसी से सर्विस रिकॉर्ड अपडेट होता है। कई बार कार्मिकों को यह ध्यान में नहीं रहता कि उसकी किस मद यानी सीएल/ईएल में कितनी छुट्टियां बची हैं। ऐसे में कार्मिक जाने अनजाने ज्यादा छुट्टी ले लेता है। जब उसे दोबारा से छुट्टी की जरुरत होती है तो उसे मालूम चलता है कि उसकी छुट्टी तो बहुत कम बची हैं।
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'ई-लीव मॉड्यूल' की मदद से बीएसएफ कर्मी अब छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, अपने आवेदन की स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं। बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के छुट्टी विस्तार का अनुरोध कर सकते हैं। यह सेवा रिकॉर्ड के स्वचालित अद्यतन को भी सुनिश्चित करेगी, जिससे व्यक्तिगत प्रहरी और संगठन दोनों को लाभ होगा। यानी किसी कार्मिक का सर्विस रिकॉर्ड अब खुद ब खुद अपडेट हो जाएगा। कोई भी कार्मिक कभी भी उस रिकॉर्ड को चेक कर सकता है। बीएसएफ में बॉर्डर ड्यूटी वाले कार्मिकों एक साल में साठ दिन की ईएल और 15 दिन की सीएल मिलती हैं। अगर कोई कार्मिक ऐसी जगह पर तैनात है, यानी किसी मुख्यालय आदि में, जहां पर पांच दिन का कार्यदिवस होता है तो उस स्थिति में कार्मिक को 30 दिन की ईएल और आठ दिन की सीएल मिलती हैं।