अंधड़ से दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक, आज भी कई एयरलाइंस की फ्लाइट कैंसल
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आकाश शाम साढ़े चार बजे आसपास काले भूरे रंग का हो गया। तेज हवाओं और बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी को हिलाकर रख दिया, जिससे तापमान 10 डिग्री तक कम हो गया।
गर्मी से भरे दिन के बाद यह आंधी राहत लेकर आई, जब अधिकतम तापमान 40.60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो सामान्य से ऊपर था। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सुबह के दौरान आर्द्रता 60 फीसदी दर्ज की गई।
तेज हवाओं ने शहर में कई पेड़ों को धराशायी कर दिया। दिल्ली फायर सर्विस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नजफगढ़, ट्रांजिट कैंप, नेहरू प्लेस, उत्तम नगर के मोहन गार्डन और पालम के राज नगर में दीवार ढहने की चार घटनाएं हुईं।
आसामान में उड़ानें प्रभावित
दिल्ली हवाई अड्डे पर धूल भरी आंधी के कारण विमानों की आवाजाही बंद हो गई।
एक अधिकारी ने बताया कि कम से कम 40 उड़ानें डायवर्ट कर दी गईं और 24 से ज्यादा लेट हो हुईं।
इंडिगो की कई फ्लाइट रविवार को प्रभावित रही। खराब मौसम के कारण सोमवार को भी अधिकांश फ्लाइट कैंसिल हैं और पुनर्निधारित की गई हैं। इसकी पूरी जानकारी एयरलाइंस की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
#9Wupdate: Due to adverse weather at #Delhi our flight schedule has been disrupted. The following flights for 14th May stand cancelled:
— Jet Airways (@jetairways) 13 May 2018
9W 893 DEL-BHO
9W 894 BHO-DEL
9W 161 DEL-JAI
9W 162 JAI-DEL
9W 351 BOM-DEL
जेट एयरवेज की कई फ्लाइट लेट हो गईं जो देर रात तक पहुंचीं। बिगड़े हुए मौसम के कारण सोमवार की कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया। अपनी उड़ानों के बारे में सशंकित यात्रियों ने भारी संख्या में जेट एयरवेज के कार्यालय में फोन कॉल किए जिससे मद्देनजर एयरलाइंस ने सोशल मीडिया के जरिये यात्रियों को बताया कि वे फोन कॉल लेने में असमर्थ हैं इसलिए उड़ान संबंधी जानकारी उनकी वेबसाइट पर डाल दी गई है।
जमीन पर भी यातायात प्रभावित
आसमान के साथ साथ जमीन पर भी यातायात प्रभावित रहा। ओवरहेड बिजली (ओएचई) तारों पर पेड़ गिरने के बाद वायलट और ब्लू लाइनों पर कई स्टेशनों पर मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ।
उत्तरी रेलवे ने कहा कि पेड़ गिरने के कारण हजरत निजामुद्दीन और पलवल स्टेशनों के बीच खंड पर ट्रेन परिचानल बाधित हो गया था।
मौसम के कारण पैदा हुए इस व्यवधान की वजह से कुछ यात्री और मालगाड़ी ट्रेनें को करीब 25 मिनट तक रोक कर रखा गया। पेड़ गिर जाने की वजह सोनीपत के पास कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया गया था।
अभी खत्म नहीं हुआ तूफान का खतरा
मिली जानकारी के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों 53 लोगों की मौत हो गई और 65 लोग घायल हो गए।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर और उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम परिवर्तित हो गया है। जिससे मंगलवार को भी मौसम में अनिश्चितता जारी रहेगी। सोमवार और मंगलवार को उत्तरी भारत के पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि हो सकती है और राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आंशका है।