फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dubey attacks Congress on judicial appointments; oppn party hits back with 'Lodha, Gogoi' examples

Politics: न्यायिक नियुक्तियों को लेकर दुबे का कांग्रेस पर हमला; विपक्षी पार्टी ने भी उदाहरण देकर किया पलटवार

Tue, 22 Apr 2025 06:25 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 22 Apr 2025 06:25 PM IST
सार

Politics: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के शासनकाल में उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए और शीर्ष कोर्ट के पूर्व जज बहरुल इस्लाम के उदाहरण से कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए पूर्व जज गुमान मल लोढ़ा का उदाहरण देते हुए भाजपा के राजनीतिक दखल का आरोप लगाया। 

विज्ञापन
Dubey attacks Congress on judicial appointments; oppn party hits back with 'Lodha, Gogoi' examples
निशिकांत दुबे, पवन खेड़ा। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों पर सवाल उठाए। इस पर विपक्षी पार्टी ने पलटवार किया और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जनसंघय और भाजपा द्वारा न्यायिक प्रक्रिया, अदालतों और न्यायधीशों का शर्मनाक राजनीतिक इस्तेमाल इतिहास में दर्ज है। 

विज्ञापन


दुबे ने उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस पर हमला करने के लिए पूर्व राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बहरुल इस्लाम का उदाहरण दिया। भाजपा सांसद ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'कांग्रेस की संविधान बचाओ की एक मजेदार कहानी। असम में बहरुल इस्लाम साहब ने 1951 में कांग्रेस की सदस्यता ली,तुष्टिकरण के नाम पर कांग्रेस ने उन्हें 1962 में राज्यसभा का सदस्य बना दिया। सेवाभाव के लिए छह साल बाद उन्हें दोबारा 1968 में राज्य सभा का सदस्य बनाया। इनसे बड़ा चमचा कांग्रेस को नजर नहीं आया। राज्यसभा से इस्तीफा दिलाए बिना 1972 में हाईकोर्ट का जज बना दिया। फिर 1979 में असम हाई कोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस बना दिया।'
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'सुप्रीम कोर्ट ने जो भी कहा देश हित में..', राज्यसभा सांसद सिब्बल का उपराष्ट्रपति धनखड़ पर पलटवार
विज्ञापन
विज्ञापन


दुबे ने आगे लिखा, 'बेचारे 1980 में सेवानिवृत्त हो गए। लेकिन यह तो कांग्रेस है। जनवरी 1980 में सेवानिवृत्त जज को दिसंबर 1980 में सीधे सुप्रीम कोर्ट का जज बना दिया। 1977 में इंदिरा गांधी  के ऊपर लगे सभी भ्रष्टाचार के मामले इन्होंने तन्मयता से खत्म किए। फिर खुश होकर कांग्रेस ने इन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त कर कांग्रेस से तीसरी बार राज्यसभा का सदस्य 1983 में ही बना दिया। मैं कुछ नहीं बोलूंगा?'


इससे पहले एक अन्य पोस्ट में भाजपा सांसद ने लिखा, क्या आपको पता है कि 1967-68 में भारत के मुख्य न्यायाधीश कैलाशनाथ वांचू ने कानून की कोई पढ़ाई नहीं की थी। 

ये भी पढ़ें: Waqf Act: वक्फ कानून लागू करने को लेकर ममता पर बरसे किरेन रिजिजू, कहा- संसद से पारित कानून को रोक नहीं सकता

कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा सांसद पर पलटवार करते हुए कहा कि दुबे ने शायद गुमान मल लोढ़ा का नाम सुना ही नहीं होगा और अगर सुना भी होगा, तो उसका जिक्र नहीं करेंगे। खेड़ा ने कहा, वो (लोढ़ा) 1969 से 1971 तक जनसंघ राजस्थान के अध्यक्ष थे। 1972 से 1977 तक वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे और कई समितियों के प्रमुख भी रहे। इसके बाद, जनसंघ की कृपा से जनता पार्टी सरकार में वे 1978 में राजस्थान हाई कोर्ट के जज बने। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 1988 में, गुमान मल को गुवाहाटी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया। जब वे गए, तो उन्हें जनसंघ और भाजपा के टिकट पर तीन बार सांसद बनाया गया। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed