फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dubai-Tel Aviv Flight Horror Eyewitness Almog Reveals Cockpit Chaos about Indian Captain smit machchhar

एक्सक्लूसिव: 40 मिनट का खौफनाक सफर, कॉकपिट में खून-खराबा; चश्मदीद ने बताई कैप्टन स्मित की जान बचाने की दास्तां

Fri, 02 Oct 2026 05:10 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 02 Oct 2026 05:10 PM IST
सार

दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान का खौफनाक मामला दुनिया भर में सुर्खियों में है। हजारों फीट ऊपर कॉकपिट में सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। इसके बावजूद भारतीय कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी। स्मित के अदम्य साहस से सभी सुरक्षित बचे। इसी उड़ान में अलमोग भी परिवार समेत इस्राइल जा रहे थे। अमर उजाला ने उनसे एक्सक्लूजिव बातचीत की। आइए, विस्तार से जानते हैं कि उन्होंने उस रूह कंपा देने वाले मंजर की क्या दास्तां बयां की है...   

विज्ञापन
Dubai-Tel Aviv Flight Horror Eyewitness Almog Reveals Cockpit Chaos about Indian Captain smit machchhar
यात्री अलमोग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दुबई से इस्राइल जा रही उड़ान में सवार 174 यात्रियों के लिए वह सफर किसी बुरे सपने जैसा था। सह-पायलट द्वारा भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर किए गए जानलेवा हमले और चाकूबाजी के बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। इससे केबिन में अफरा-तफरी मच गई। लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी। तुरंत कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों तक संदेश पहुंचाया। इस खौफनाक मंजर के दौरान विमान में मौजूद एक यात्री (अलमोग) ने अमर उजाला से खास बातचीत की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम, भारतीय कैप्टन की अदम्य बहादुरी और कॉकपिट के भीतर मचे घमासान का आंखों देखा हाल बताया।
विज्ञापन

चश्मदीद यात्री अलमोग से बातचीत

सवाल: इस खौफनाक हादसे के बाद अब आप और आपका परिवार कैसा महसूस कर रहे हैं?
अलमोग: हम ठीक हैं और धीरे-धीरे इस सदमे से उबर रहे हैं। हमने जिस खौफनाक मंजर का सामना किया है, उसे पूरी तरह समझ पाने में अभी वक्त लगेगा। लेकिन हम स्थिति को संभाल रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे हीरो, ग्लोबल हीरो कैप्टन स्मित को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते देखना हमारे लिए बेहद भावुक और सुखद पल था।
विज्ञापन


सवाल: उस फ्लाइट में असल में हुआ क्या था? शुरुआत से लेकर लैंडिंग तक क्या-क्या घटा?
अलमोग: यह दुबई से तेल अवीव की एक सामान्य फ्लाइट थी। शुरुआत के दो घंटे सब कुछ बिल्कुल ठीक रहा। लेकिन अचानक विमान बहुत तेजी से गोता खाने लगा। करीब 30 सेकंड तक विमान तेजी से नीचे गिरा, फिर थोड़ा संभला और दोबारा रोलर कोस्टर की तरह नीचे जाने लगा। जी-फोर्स इतना ज्यादा था कि संभलना मुश्किल हो रहा था। लगभग 50 सेकंड बाद जब विमान थोड़ा स्थिर हुआ, तो हमने देखा कि कुछ लोग कॉकपिट की तरफ दौड़े। करीब 4-5 मिनट बाद उनमें से एक व्यक्ति ने आकर बताया कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मार दिया है। इसके बाद एक यात्री और क्रू मेंबर ने मोर्चा संभाला। संयोग से फ्लाइट में बाहर एक तीसरा पायलट भी सफर कर रहा था, जिसने कॉकपिट में जाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और सुरक्षित लैंडिंग की जगह तलाशने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल: जब विमान अचानक नीचे गिर रहा था, तो केबिन का माहौल कैसा था?
अलमोग: कोई चेतावनी या अलर्ट नहीं मिला था। पहले हमें लगा कि यह सामान्य टर्बुलेंस (हवा का दबाव) है, लेकिन यह उससे कहीं अधिक खतरनाक था। विमान का नीचे गिरने का कोण बेहद डरावना था। मैंने अपने जीवन में सैकड़ों-हजारों बार उड़ान भरी है, लेकिन ऐसा भयानक अनुभव कभी नहीं देखा। हमारे पास सीटबेल्ट तक बांधने का समय नहीं था। मैंने तुरंत अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को सीटबेल्ट बांधी। हम पंक्ति 19 और 20 पर विंग (पंखों) के ठीक ऊपर बैठे थे और देख पा रहे थे कि विमान के पंख संतुलन बनाने के लिए किस कदर जूझ रहे थे।

सवाल: कॉकपिट का दरवाजा कैसे खुला और हमलावर को कैसे पकड़ा गया?
अलमोग: कॉकपिट के अंदर क्या चल रहा था, वह हम सीधे नहीं देख पा रहे थे। लेकिन बाद में पता चला कि अंदर जबरदस्त संघर्ष हुआ था। कई बार चाकू लगने के बावजूद हमारे हीरो कैप्टन स्मित ने अंदर से दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही पहली पंक्ति में बैठे 3-4 यात्री काफी तेजी से अंदर घुसे, समझिए बिल्कुल बिजली की रफ्तार से। उन्होंने हमलावर सह-पायलट को तुरंत नीचे पटक दिया, उसके हाथ-पैर बांधे और विमान की कंट्रोल स्टिक को स्थिर करने में मदद की। जब तक विमान सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड नहीं हो गया, तब तक दो लोग लगातार हमलावर पर नजर रखे हुए थे।



सवाल: कैप्टन स्मित मच्छार की हालत उस वक्त कैसी थी?
अलमोग: कैप्टन बहुत बुरी तरह घायल थे। उन पर चाकू से कई वार किए गए थे और वे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। वे होश में नहीं थे। हमारी किस्मत अच्छी थी कि विमान में एक डॉक्टर मौजूद थे, जिन्होंने सचमुच उनकी जान बचाई। डॉक्टर लगातार कैप्टन से बात करते रहे और उन्हें कहते रहे 'सोना मत, बिल्कुल मत सोना।' उन्होंने कैप्टन को जगाए रखा, ऑक्सीजन दी और हर जरूरी प्राथमिक उपचार दिया। लैंडिंग के तुरंत बाद सऊदी अरब की एंबुलेंस उन्हें अस्पताल ले गई।

सवाल: इस पूरे संकट के दौरान क्रू मेंबर्स की क्या भूमिका रही?
अलमोग: क्रू मेंबर्स इस अप्रत्याशित घटना से पूरी तरह सदमे (शॉक) में आ गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। इसलिए यात्रियों को खुद आगे आना पड़ा। यात्रियों ने ही माहौल को शांत रखा, किसी को पैनिक नहीं होने दिया और लैंडिंग तक पूरी व्यवस्था बनाए रखी।

सवाल: यह पूरा घटनाक्रम कितनी देर तक चला?
अलमोग: जब विमान का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिरने लगा, तब से लेकर सऊदी अरब में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग होने तक में लगभग 30 से 40 मिनट का समय लगा। विमान की लैंडिंग बेहद सुरक्षित और आसान रही।


सवाल: कैप्टन स्मित की बहादुरी और भारत को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?
अलमोग: कैप्टन स्मित सिर्फ भारत के ही नहीं, बल्कि इस्राइल और पूरी दुनिया के हीरो हैं। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर हम 174 यात्रियों की जान बचाई है। वे हर सम्मान और पुरस्कार के हकदार हैं। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अपने परिवार के पास लौटने की प्रार्थना करता हूं। मैं पूरे भारत और भारतीय लोगों से कहना चाहता हूं कि हम इस्राइल में आपका पूरा समर्थन करते हैं। हमारे बीच एक गहरा रिश्ता है और कैप्टन स्मित के रूप में हमारे पास एक साझा ग्लोबल हीरो है। इस साझेदारी और बंधन को हमें आगे और मजबूत करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed