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अदालत में सीबीआई का खुलासा, जांच की आड़ में चल रहा था वसूली का खेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:21 PM IST
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फाइल फोटो
सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार ने जांच एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोपों के संबंध में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन अैर न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया। वहीं सीबीआई ने अदालत को बताया कि कुमार जांच की आड़ में चल रहे कथित जबरन वसूली रैकेट का हिस्सा हैं । सीबीआई ने अदालत से उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार समेत आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी में और धाराएं जोड़ने की अनुमति मांगी।
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डीएसपी ने इस मामले में सीबीआई, उसके निदेशक आलोक वर्मा, संयुक्त निदेशक ए के शर्मा और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पक्षकार बनाया है। याचिका में प्राथमिकी को ‘‘गैरकानूनी, बेबुनियाद तथा दुर्भावनापूर्ण’’ बताकर उसे निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में कहा गया, ‘‘मामले के रिकॉर्ड तथा अन्य संबंधित दस्तावेज मांगते हुए और याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करते हुए उचित रिट या आदेश पारित करें’’ सीबीआई ने एजेंसी में विशेष निदेशक अस्थाना से जुड़े घूसखोरी के आरोपों के संबंध में कुमार को कल गिरफ्तार किया था।
मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले में जांच अधिकारी रहे कुमार को सीबीआई ने कल गिरफ्तार किया। उन पर कारोबारी सतीश साना के बयान दर्ज करने में धोखाधड़ी के आरोप हैं। साना ने आरोप लगाया था कि उन्होंने इस मामले में राहत पाने के लिए रिश्वत दी थी।
साना ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा कि उन्होंने इस साल जून में तेलुगु देशम पार्टी के राज्यसभा सदस्य सी एम रमेश के साथ इस मामले पर चर्चा की थी जिन्होंने सीबीआई निदेशक से बात करने के बाद उन्हें आश्वासन दिया था कि दोबारा उन्हें सम्मन नहीं भेजा जाएगा।
साना ने कथित तौर पर कहा, ‘‘जून के बाद मुझे सीबीआई ने नहीं बुलाया। मुझे यह लगा कि मेरे खिलाफ जांच पूरी हो गई।’’
सीबीआई ने अब आरोप लगाया कि कुमार ने अस्थाना द्वारा सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी में लगाए निराधार आरोपों को पुष्ट करने के लिए इस बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया।
उन्होंने कहा कि एजेंसी अस्थाना की अगुवाई वाले विशेष जांच दल के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।
सीबीआई ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए घूसखोरी के आरोप में अस्थाना पर मामला दर्ज किया। अस्थाना ने 24 अगस्त 2018 को सीबीआई निदेशक वर्मा के खिलाफ शिकायत की थी।