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Gujarat: कांग्रेस का दावा- बीते पांच वर्षों में पकड़ा गया 2.5 लाख करोड़ का ड्रग्स, PM की 'चुप्पी' की आलोचना की
Mon, 22 Aug 2022 04:36 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 22 Aug 2022 04:36 PM IST
सार
श्रीनेत ने आरोप लगाते हुए कहा, "गुजरात में मुंद्रा और पीपाववा जैसे निजी बंदरगाह देश में ड्रग्स लाने के लिए प्रवेश द्वार बन गए हैं। मुझे बताया गया है कि 2017 और 2020 के बीच गुजरात में 2,50,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गईं।"
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कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि गुजरात में पिछले पांच वर्षों में 2.5 लाख करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त किया गया। पार्टी ने सत्ता में आने के बाद केंद्रीय एजेंसियों से अवैध कारोबार की जांच कराने का वादा किया।
मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी के इस्तीफे या उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि वह कथित तौर पर इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने और इसमें शामिल असल दोषियों को पकड़ने में विफल रहे हैं।
श्रीनेत ने आरोप लगाते हुए कहा, "गुजरात में मुंद्रा और पीपाववा जैसे निजी बंदरगाह देश में ड्रग्स लाने के लिए प्रवेश द्वार बन गए हैं। मुझे बताया गया है कि 2017 और 2020 के बीच गुजरात में 2,50,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गईं। यह आंकड़ा गुजरात के बजट से बड़ा है।"
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उन्होंने पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने इन दो निजी बंदरगाहों के मालिकों से पूछताछ करके गहन जांच क्यों नहीं की है?
कांग्रेस नेता नेता ने आगे कहा, "इसके अलावा पिछले तीन महीनों में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली चार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया था। यह हर्ष संघवी की नाक के नीचे हो रहा है, जो इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए।"
उन्होंने जांच एजेंसियों की चुप्पी पर सवाल उठाया और जानना चाहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी बंदरगाह मालिकों से पूछा कि उनके बंदरगाहों पर ड्रग्स क्यों उतर रहा है।
श्रीनेत ने आगे कहा, क्या मोदी जी ने ड्रग्स के आयात को रोकने के लिए ऐसे बंदरगाहों के लिए नए दिशानिर्देश बनाए? यदि नहीं, तो क्यों? यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी। अगर कांग्रेस, गुजरात में सत्ता में आती है तो वह ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों के माध्यम से राज्य में अवैध ड्रग्स के कारोबार की जांच कराएगी।
कांग्रेस नेता ने गुजरात सरकार की नशीली दवाओं के खतरे से निपटने में विफलताओं को उजागर करने के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की, जिसे दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
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मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी के इस्तीफे या उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि वह कथित तौर पर इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने और इसमें शामिल असल दोषियों को पकड़ने में विफल रहे हैं।
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श्रीनेत ने आरोप लगाते हुए कहा, "गुजरात में मुंद्रा और पीपाववा जैसे निजी बंदरगाह देश में ड्रग्स लाने के लिए प्रवेश द्वार बन गए हैं। मुझे बताया गया है कि 2017 और 2020 के बीच गुजरात में 2,50,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गईं। यह आंकड़ा गुजरात के बजट से बड़ा है।"
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उन्होंने पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने इन दो निजी बंदरगाहों के मालिकों से पूछताछ करके गहन जांच क्यों नहीं की है?
कांग्रेस नेता नेता ने आगे कहा, "इसके अलावा पिछले तीन महीनों में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली चार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया था। यह हर्ष संघवी की नाक के नीचे हो रहा है, जो इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए।"
उन्होंने जांच एजेंसियों की चुप्पी पर सवाल उठाया और जानना चाहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी बंदरगाह मालिकों से पूछा कि उनके बंदरगाहों पर ड्रग्स क्यों उतर रहा है।
श्रीनेत ने आगे कहा, क्या मोदी जी ने ड्रग्स के आयात को रोकने के लिए ऐसे बंदरगाहों के लिए नए दिशानिर्देश बनाए? यदि नहीं, तो क्यों? यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी। अगर कांग्रेस, गुजरात में सत्ता में आती है तो वह ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों के माध्यम से राज्य में अवैध ड्रग्स के कारोबार की जांच कराएगी।
कांग्रेस नेता ने गुजरात सरकार की नशीली दवाओं के खतरे से निपटने में विफलताओं को उजागर करने के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की, जिसे दिसंबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।