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डार्कनेट, बिटकॉइन के जरिए फैल रहा देश में नशे का कारोबार, दो आपराधिक तंत्र बैन
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Mon, 18 Jul 2016 06:18 AM IST
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मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों ने पता लगाया है कि भारत में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और इसे ‘डार्कनेट’ और गुप्त और अनियमित मुद्रा बिटकॉइन के जरिए अंजाम दिया जा रहा है।
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भारत में बढ़ते मादक पदार्थों की तस्करी और इनके अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए जिम्मेदार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और खुफिया एजेंसियों ने देश में सक्रिय इस तरह के दो आपराधिक तंत्रों को प्रतिबंधित किया है।
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एनसीबी के महानिदेशक आरआर भटनागर ने कहा कि हमें देश में सक्रिय ऐसे दो अवैध ड्रग रैकेट का पता चला है, जो नशे के कारोबार के लिए डार्कनेट और बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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हमारी जांच में यह भी पता चला कि इनमें से कुछ लोग भारत में मौजूद हैं और हम उनकी तलाश में जुटे हैं। पहली नजर में लगता है कि ये दोनों गिरोह पार्टियों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के तस्करी में लिप्त हैं। इंटरनेट के जरिये बेहद गोपनीय तरीकों से नशीले पदार्थों की तस्करी चिंताजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सीमापार से होने वाली हेरोइन की तस्करी में कमी आई है।
क्या है बिटकॉइन
यह एक डिजिटल करेंसी या मुद्रा होती है। इसकी मदद से वैध बैंकिंग चैनल से बचकर इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन किया जाता है।
बेहद मुश्किल है डार्कनेट का पता लगाना
डार्कनेट एक बेहद गुप्त नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल खास सॉफ्टवेयर, कॉन्फिगरेशन और प्राधिकार के जरिए ही किया जा सकता है। सामान्य कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और पोर्ट के जरिये इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है।
बेहद मुश्किल है डार्कनेट का पता लगाना
डार्कनेट एक बेहद गुप्त नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल खास सॉफ्टवेयर, कॉन्फिगरेशन और प्राधिकार के जरिए ही किया जा सकता है। सामान्य कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और पोर्ट के जरिये इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है।