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Drug: ड्रग्स तस्करी मामले में नाईजीरियाई नागरिकों की गिरफ्तारी, दो अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए आरोपी
Fri, 12 May 2023 02:57 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 12 May 2023 02:57 PM IST
सार
मुंबई पुलिस ने भी मादक पदार्थों की तस्करी मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक को बिना पासपोर्ट और वीजा के गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 116 ग्राम मेथाक्यूलिन नामक दवा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीबन 11 लाख रुपये है।
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मादक पदार्थों की तस्करी
- फोटो : Istock
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विस्तार
हैदराबाद पुलिस ने ड्रग्स की तस्करी मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। गांधी नगर थाना के सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) के अनुसार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय एगोदिके नेमेका उर्फ माइकल एबेरे के तौर पर की गई है।
उन्होंने कहा- "आरोपी बेंगलुरु का रहने वाला है और उसे गुरुवार को दोपहर 12:30बजे 11 ग्राम मिथाइल एनेडिओक्सी मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर एक्स्टसी, मौली या मैंडी नामक नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया गया था।"
मेथामफेटामाइन का उपयोग पहली बार साल 1912 में किया गया था। 1970 के दशक इसका इस्तेमाल मनोचिकित्सा में किया जाता था और 80 के दशक तक ये एक मादक पदार्थ के रूप में काफी प्रचलित हो गया था। इन गोलियों को एफेड्रिन, एम्फ़ैटेमिन और मेथामफेटामाइन जैसे अन्य पदार्थों के साथ मिलाया जा सकता है।
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया। इससे पहले नारायणगुडा और गोलकोंडा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुंबई पुलिस ने भी मादक पदार्थों की तस्करी मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक को बिना पासपोर्ट और वीजा के गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 116 ग्राम मेथाक्यूलिन नामक दवा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीबन 11 लाख रुपये है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान बोनिफेस एमेनिक के तौर की है। ठाणे पुलिस ने उसे 2022 में भी गिरफ्तार किया था, लेकिन वह चार महीने बाद ही पुलिस की गिरफ्त से छूट गया था।
गुप्त सुचना मिलने के बाद पुलिस ने सेक्टर-2 के तलोजा में श्रीकृपा रेसिडेंसी में उसके किराए के अपार्टमेंट में तलाशी अभियान चलाया। आरोपी ने बताया कि उसे नाइजीरिया के भी एक अन्य नागरिक ओगबोना पॉल ड्रग्स की सप्लाई करता है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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उन्होंने कहा- "आरोपी बेंगलुरु का रहने वाला है और उसे गुरुवार को दोपहर 12:30बजे 11 ग्राम मिथाइल एनेडिओक्सी मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर एक्स्टसी, मौली या मैंडी नामक नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया गया था।"
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मेथामफेटामाइन का उपयोग पहली बार साल 1912 में किया गया था। 1970 के दशक इसका इस्तेमाल मनोचिकित्सा में किया जाता था और 80 के दशक तक ये एक मादक पदार्थ के रूप में काफी प्रचलित हो गया था। इन गोलियों को एफेड्रिन, एम्फ़ैटेमिन और मेथामफेटामाइन जैसे अन्य पदार्थों के साथ मिलाया जा सकता है।
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया। इससे पहले नारायणगुडा और गोलकोंडा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुंबई पुलिस ने भी मादक पदार्थों की तस्करी मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक को बिना पासपोर्ट और वीजा के गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 116 ग्राम मेथाक्यूलिन नामक दवा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीबन 11 लाख रुपये है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान बोनिफेस एमेनिक के तौर की है। ठाणे पुलिस ने उसे 2022 में भी गिरफ्तार किया था, लेकिन वह चार महीने बाद ही पुलिस की गिरफ्त से छूट गया था।
गुप्त सुचना मिलने के बाद पुलिस ने सेक्टर-2 के तलोजा में श्रीकृपा रेसिडेंसी में उसके किराए के अपार्टमेंट में तलाशी अभियान चलाया। आरोपी ने बताया कि उसे नाइजीरिया के भी एक अन्य नागरिक ओगबोना पॉल ड्रग्स की सप्लाई करता है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।