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फर्जी पहचान, तुर्किये की नागरिकता और ड्रग्स का नेटवर्क: भारत कैसे लाया गया नवप्रीत, गृह मंत्री ने क्या बताया?

Sat, 03 Oct 2026 10:49 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 03 Oct 2026 10:49 AM IST
सार

तुर्किये से ड्रग किंगपिन नवप्रीत सिंह को भारत वापस लाया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है। आरोप है कि वह फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता लेकर अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी कर रहा था। जांच में भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच नेटवर्क सामने आया था। आखिर एजेंसियां उस तक कैसे पहुंचीं? नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े थे? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Drug Network kingpin Navpreet Singh Brought Back to India Home Minister Amit Shah tells
नवप्रीत सिंह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार
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भारत ने तुर्किये से कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के आरोपी नवप्रीत सिंह को वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसे मोदी सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। नवप्रीत सिंह को भारत लाने के बाद ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में रखा गया है।

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नवप्रीत सिंह पर क्या आरोप हैं?
अमित शाह ने बताया कि नवप्रीत सिंह ने तुर्किये की नागरिकता फर्जी पहचान के नाम पर हासिल की थी। आरोप है कि वह नवाब विर्क नाम की पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। उसके बारे में आरोप है कि वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी कराता था। भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाया और उसके बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इन आरोपों पर आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के तहत होगी।
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भारत में कौन चला रहा था ये नेटवर्क?
नवप्रीत सिंह को जांच एजेंसियां पहले से भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच चल रहे एक बड़े कथित मादक पदार्थ नेटवर्क से जोड़ती रही हैं। उसे इस नेटवर्क का तुर्किये स्थित कथित मुख्य संचालक बताया गया है। उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह पर भारत में नेटवर्क की गतिविधियां संभालने का आरोप लगाया गया था। दोनों की भूमिका को लेकर जांच में कई कड़ियां सामने आई थीं।
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2021 में कैसे खुला था ड्रग नेटवर्क?

  • इस पूरे मामले की जांच वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। दक्षिण दिल्ली में रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का पता चला। जांच आगे बढ़ी तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और दूसरे इलाकों तक इसके तार पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई। जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, एक वाहन से करीब 166 किलो और दूसरे वाहन से करीब 115 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।
  • मामले की जांच आगे बढ़ने पर अफगानिस्तान से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क विदेश से भारत तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल करता था। नवप्रीत सिंह पर विदेश से पूरे नेटवर्क को संचालित करने का आरोप था। भारत में मौजूद लोग कथित तौर पर ड्रग्स की खेप को आगे पहुंचाने का काम करते थे।


प्रभदीप सिंह की गिरफ्तारी से क्या कड़ी मिली?

  • नवप्रीत सिंह के कथित नेटवर्क की जांच में उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह का नाम भी सामने आया। जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रभदीप भारत में नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण व्यक्ति था। वह नवप्रीत और भारत में मौजूद दूसरे आरोपियों के बीच संपर्क का काम करता था। मई 2026 में भारतीय एजेंसियां प्रभदीप को अजरबैजान से भारत वापस लेकर आई थीं। उसे बाकू में ट्रेस किया गया था।
  • प्रभदीप के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी था। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो और दिल्ली पुलिस ने उसकी वापसी की प्रक्रिया में काम किया। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी समन्वय किया। भारत के इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के तौर पर सीबीआई ने भारतपोल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी एजेंसियों के साथ तालमेल किया। इसके बाद अजरबैजान की कार्रवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी हुई।


जांच में कितनी बड़ी बरामदगी हुई थी?

  • फरीदाबाद में एक वाहन से करीब 166 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।
  • दूसरे वाहन से करीब 115 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।
  • एक ठिकाने से करीब 70 किलो हेरोइन और मन:प्रभावी पदार्थ बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।
  • एक अफगान नागरिक से भी हेरोइन और नशीले पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन बरामद किए गए थे।
  • जांच में भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी।
  • प्रभदीप सिंह को इस नेटवर्क में भारत की गतिविधियों से जोड़कर जांच की गई थी।
  • नवप्रीत सिंह को तुर्किये स्थित कथित मुख्य संचालक बताया गया था।


अब नवप्रीत सिंह से क्या जानकारी मिलने की उम्मीद है?
नवप्रीत सिंह के भारत लौटने के बाद जांच एजेंसियां उससे नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और ड्रग्स की आपूर्ति के रास्तों के बारे में पूछताछ कर सकती हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि अफगानिस्तान से भारत तक नशीले पदार्थ पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे। एजेंसियां यह भी पता लगा सकती हैं कि तुर्किये में फर्जी पहचान और नागरिकता हासिल करने में किसने मदद की। भारत में उसके संपर्क और कथित नेटवर्क की पूरी संरचना भी जांच का हिस्सा हो सकती है। अमित शाह ने कहा है कि सरकार दिसंबर 2029 तक हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान सरकार की नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की नीति के संदर्भ में है। नवप्रीत सिंह की वापसी ऐसे मामलों में विदेशी ठिकानों से आरोपियों को भारत लाने की कार्रवाई की कड़ी में हुई है। अब जांच और अदालत की प्रक्रिया से यह साफ होगा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।

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