{"_id":"60e711918ebc3ecba16ef7c7","slug":"drinking-water-crisis-in-new-delhi-bjp-slammed-arvind-kejriwal-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में पानी का संकट: भाजपा ने किया प्रदर्शन, कहा- 'झूठ का पानी' पिला रहे केजरीवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिल्ली में पानी का संकट: भाजपा ने किया प्रदर्शन, कहा- 'झूठ का पानी' पिला रहे केजरीवाल
सार
दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में टीम गठित कर जलापूर्ति पूरी करने का दावा, राघव चड्ढा ने किया औचक निरीक्षण।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भीषण गर्मी के बीच राजधानी दिल्ली में पानी का संकट गहरा गया है। दिल्ली के पश्चिमी, केंद्रीय दिल्ली, बुराड़ी, संगम विहार, आनंद पर्वत, करोल बाग और अन्य इलाकों में जलापूर्ति में बाधा से संकट पैदा हो गया है। लोगों को पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर करना पड़ रहा है। पानी के गंभीर संकट को देखते हुए दिल्ली भाजपा ने आज राजधानी के कई स्थानों पर तेज प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर मंच से अपनी मुफ्त की घोषणाओं की चर्चा करते रहते हैं। जबकि, उसी के बीच दिल्ली की असलियत यह है कि इसी राजधानी में लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है। पार्टी ने कहा कि यहां की सरकार को जल्द से जल्द पानी की कमी दूर करनी चाहिए और आम आदमी को राहत पहुंचानी चाहिए।
विज्ञापन
जल बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक
आज गुरुवार को दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन राघव चड्ढा ने जल बोर्ड के सीनियर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में चड्ढा ने वरिष्ठ अधिकारियों और सभी क्षेत्र के विधायकों के साथ एक टीम गठित करने की बात कही जिससे सभी संबंधित क्षेत्रों में बाधाहीन जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
पानी की मांग और आपूर्ति
दिल्ली में पानी की मांग औसतन 900-1000 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) होती है। गर्मियों में यह मांग बढ़कर 1100 एमजीडी तक पहुंच जाती है। दिल्ली जल बोर्ड प्रतिदिन लगभग 900 एमजीडी पानी की सप्लाई कर पाता है, जबकि शेष जलापूर्ति भूमिगत जल स्रोतों और टैंकरों के जरिए होने वाले पानी की सप्लाई पर निर्भर करती है। वजीराबाद जलशोधन संयंत्र से लगभग 124 एमजीडी और चंद्रावल प्लांट से 95 एमजीडी जल की आपूर्ति होती है।
आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम
अनुमान के तौर पर राजधानी में 3000 से ज्यादा लीकेज प्वाइंट हैं जहां से भारी मात्रा में जल बर्बाद होता है। दिल्ली जल बोर्ड ने एक योजना बनाकर इन जगहों पर पाइप लाइन बदलने और लीकेज रोकने का अभियान शुरू किया है। इसके अलावा दिल्ली सरकार कुछ और नए जल शोधन संयंत्र लगाकर दिल्ली की जल शोधन क्षमता सुधार रही है जिससे राजधानी को पानी के लिए आत्मनिर्भर किया जा सके।
संरक्षण पर 10 फीसदी छूट
राजधानी में जो भी संस्थान, स्कूल, पार्क, सामुदायिक भवन या घर 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर बने हुए हैं, सबके लिए जल संरक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे राजधानी के जल स्तर को सुधारने में काफी मदद मिल रही है। दिल्ली सरकार ने योजना शुरू की है कि जो लोग भी अपने घरों में जल संरक्षण के उपाय करते हें, उन्हें बिजली बिल में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 100 वर्ग मीटर से अधिक अनेक भवनों में जल संरक्षण का काम शुरू हुआ है।
दिल्ली मॉडल की असलियत
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल हर जगह अपने दिल्ली मॉडल की तारीफ करते हैं और कहते हैं कि पूरे देश को इसी तरह के मॉडल की जरूरत है। लेकिन उनके दिल्ली मॉडल की असलियत यही है कि यहां लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली के लोग पानी के टैंकरों से पानी मंगवाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं और इसके लिए भारी कीमत चुका रहे हैं।
दुआ ने कहा कि इन्हीं केजरीवाल ने पूर्ववर्ती सरकार पर पानी के टैंकरों के जरिए हजारों करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया था। अब दिल्ली सरकार को बताना चाहिए कि पानी के इन टैंकरों का पैसा किसकी जेब में जा रहा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को लोकलुभावन चालें चलने की बजाय लोगों के लिए ठोस काम करनs चाहिए। उन्होंने जल्द से जल्द पूरी दिल्ली में साफ पानी की सप्लाई की पूर्ति किए जाने की मांग की।