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दुनिया पर भारी पड़ता है शराब का नशा, फिर भी भारी राजस्व के कारण मिल जाती है अनुमति

Mon, 03 Aug 2020 06:58 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 03 Aug 2020 06:58 PM IST
सार

  • महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध, सड़क दुर्घटनाओं के कारण में शराब है प्रमुख कारण
  • इसके बाद भी भारी राजस्व के कारण देश-दुनिया के ज्यादातर देशों में शराब बेचने/सेवन की है अनुमति

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drink and drive is major cause of crimes and road accidents in the world
Breath Analyser Delhi Traffic Police - फोटो : PTI (File)

विस्तार

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की एक रिपोर्ट के अनुसार हत्या, दुष्कर्म, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराध के 73.5 फीसदी मामलों में शराब भी एक कारण पाया गया है। यानी अपराधी ने अपराध करने से पूर्व या अपराध के दौरान शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन किया। दुष्कर्म जैसे मामले में यह आंकड़ा 87 फीसदी तक है।

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सड़क दुर्घटनाओं में शराब सेवन एक बड़ा कारण पाया गया है, लेकिन इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंक एंड ड्राइविंग (सीएडीडी) के 2018 के एक सर्वे में दिल्ली के 72 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया था कि वे शराब पीने के बाद कभी-कभी वाहन चलाते हैं।
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वर्ष 2014 में नारकोटिक्स ड्रग्स एक्ट (NDPS Act) के तहत कुल 43,290 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें सबसे ज्यादा 16821 मामले अकेले पंजाब राज्य में रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 6180, महाराष्ट्र में 5989, तमिलनाडु में 1812, राजस्थान में 1337, मध्यप्रदेश में 1027, गुजरात में 73, गोवा में 61 और सिक्किम में 10 केस दर्ज किए गए थे।
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NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में देश में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध के 3.60 लाख मामले दर्ज किए गए। इसमें 32,559 मामले दुष्कर्म के भी शामिल हैं। यानी लगभग हर 15 मिनट में एक महिला के साथ दुष्कर्म या दुष्कर्म का प्रयास किया जाता है।

इसके पहले 2016 में महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के मामले 3.38 लाख और 2015 में 3.2 लाख थे। महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के पीछे शराब को एक बड़ा कारण माना जाता है।

इसी प्रकार सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भी शराब को बड़ा कारण माना जाता है। भारत में प्रतिदिन लगभग 1474 सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लगभग 400 लोगों की मौत या गंभीर रूप से घायल होते हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे ज्यादा बुरी है, जहां 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में 17666 लोग मारे गए। पूरी दुनिया में नशे के कारण हर साल लगभग 40 लाख लोगों की जान चली जाती है।

अमेरिका में शराब हिंसा से जुड़े कुछ तथ्य

अमेरिका में होने वाले यौन अपराधों में 37 फीसदी मामलों में अपराधी शराब या किसी अन्य नशीली चीज के सेवन के बाद अपराध करते हुए पाए गये हैं। घरेलू हिंसा के 70 फीसदी मामलों में शराब भी एक कारण पाया गया है। इनमें से 20 फीसदी मामलों में हिंसा करने वाले व्यक्ति ने हाथों, पैरों के अलावा किसी हथियार जैसी चीज का भी इस्तेमाल किया।

हत्या के 40 फीसदी मामलों में पाया गया है कि अपराधी ने हत्या के पूर्व या अपराध के दौरान शराब पी थी। डकैती जैसे मामलों में यह आंकड़ा 15 फीसदी तक पाया गया है। शराब पीकर वाहन चलाने के कारण हुए हादसों में लगभग दस हजार अमेरिकी नागरिक प्रति वर्ष अपनी जान गंवा देते हैं।

सबसे विचित्र बात है कि शराब के नशे में होने वाले अपराध के 14 लाख मामलों में लोगों का अजनबियों से झगड़ा हुआ था। शराब से होने वाले अपराध के कारण अमेरिका को 20500 करोड़ अमेरिकी डॉलर का प्रति वर्ष (साल 2000 तक) नुकसान हो जाता था।

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