एयर इंडिया-1 के सभी परिधान होंगे खादी के
- फ्लाइट के सभी कर्मचारी भी पहनेंगे खादी
- राजस्थान सरकार भी कर सकती है खादी अनिवार्य
- आगामी वर्षों में खादी सेक्टर में होंगी 19.5 लाख नौकरियां
विस्तार
प्रधानमंत्री के हवाई जहाज के सभी परिधान अब खादी के होंगे। खादी के प्रमोशन के तहत एयर इंडिया की तरफ से यह फैसला किया गया है। देश के प्रधानमंत्री एयर इंडिया-1 में सफर करते हैं। एमएसएमई मंत्रालय के तहत काम करने वाले खादी बोर्ड को एयर इंडिया-1 के सभी परिधान को खादी परिधान में बदलने का आर्डर भी मिल चुका है।
एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एयर इंडिया-1 के परिधानों को खादी परिधान में बदलने से कोई बहुत व्यावसायिक लाभ नहीं होगा, लेकिन प्रधानमंत्री के इस हवाई जहाज के जुड़े होने के वजह से खादी के प्रोत्साहन में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि एयर इंडिया-1 के सभी कर्मचारी भी खादी की ड्रेस पहनेंगे ताकि पूरे हवाई जहाज में हर परिधान खादी का हो। हाल ही में खादी बोर्ड ने सरकार के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है कि हर शुक्रवार को सभी सरकारी कर्मचारी खादी की ड्रेस पहनकर आए। हालांकि अभी प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं किया गया है।
कलराज मिश्र लिख चुके हैं पत्र
इससे पहले एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र सभी स्कूलों में खादी की ड्रेस को अनिवार्य करने के लिए मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिख चुके हैं। राजस्थान सरकार भी सरकारी कर्मचारियों के लिए खादी की ड्रेस को अनिवार्य कर सकती है। राजस्थान सरकार की तरफ से हाल ही में एक बयान आया था कि सरकारी दफ्तरों व रेल विभाग में खादी का उपयोग हो रहा है। ऐसे में विचार किया जा रहा हैं कि प्रदेश सरकार के कार्मिकों को खादी के कपड़े अनिवार्य किए जाए।
साथ ही खादी को युवा डिजायनरों से जोड़ा जाए जिससे खादी युवाओं की पहली पसंद बन सके। खादी की लोकप्रियता बढ़ने से इस क्षेत्र में भारी संख्या में रोजगार निकल रहे हैं। मिश्र के मुताबिक आने वाले वर्षों में खादी सेक्टर में 19.5 लाख नौकरियां तैयार होंगी।
बजट में खादी और ग्रामोद्योग में 340 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2016-17 में ग्रामाद्योग उत्पादन बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये का होगा। इसके कारण 163 लाख लोगों के लिए नौकरियां पैदा होंगी। राजस्थान में खादी से 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य है। इसके लिए हर संभाग पर खादी प्लाजा बनाए जाएंगे जो खादी विपणन व प्रशिक्षण के काम आ सके।