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Supreme Court: प्रदूषण पर सख्त कदम उठाने पर जोर, कोर्ट ने यूपी व हरियाणा में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने को कहा

Sat, 18 Jan 2025 12:48 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 18 Jan 2025 12:48 AM IST
सार

बढ़ते पदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए इसे एक बहुत बड़ी समस्या बताया है। अदालत ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सख्त उपायों की जरूरत है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सराकर से भी पटाखा बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ याचिकाओं का जवाब देने को कहा। 

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Drastic problems need drastic measures, says SC, asks UP, Haryana to impose ban on firecrackers Hindi News
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज के समय में देशभर में वायु प्रदूषण एक संकट का विषय बना हुआ है, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए इसे एक बहुत बड़ी समस्या बताया है। अदालत ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सख्त उपायों की जरूरत है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सराकर से भी पटाखा बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ याचिकाओं का जवाब देने को कहा।   
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यूपी व हरियाणा पटाखों पर प्रतिंबध के आदेश
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान का उदाहारण देते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों से कहा कि वे दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दें। बता दें कि दिल्ली की तरह राजस्थान ने भी अपने एनसीआर क्षेत्रों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
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इसको लेकर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी ऐसा ही करने को कहा। कोर्ट ने तर्क दिया कि जब तक ये राज्य पटाखों पर प्रतिबंध नहीं लगाते तब तक कोर्ट का पहले दिया गया आदेश लागू रहेगा जो अगले सुनवाई की तारीख, 24 मार्च तक रहेगा।
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प्रदूषण पर जताई समस्या
साथ ही कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण की समस्याएं बहुत गंभीर हैं। इसलिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक सरकारें नहीं सुनतीं, तब तक अदालत को सख्त आदेश देना पड़ता है। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि वह पटाखों की बिक्री और निर्माण करने वाली कंपनियों के खिलाफ याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। 


अधिकारों से ज्यादा महत्वपूर्ण है पर्यावरण
मामले में सुनवाई के दौरान जब एक वकील ने कहा कि पटाखों से प्रतिबंध कंपनियों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण के मुद्दे कंपनियों के अधिकारों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के इस जवाब में वकील ने ग्रीन पटाखों की अनुमति देने की मांग की। वकील के ग्रीन पटाखों अनुमति की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि ग्रीन पटाखे वापई कितने पर्यावरण फ्रैंडली होते है, इसकी जांच होनी चाहिए।
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