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Hindi News ›   India News ›   DoPT asked to all Secretaries of the Central Government and the Chief Secretaries of states, ordering the submission of immovable property returns by the IAS and IPS by January 31, 2022

अफसरों पर सख्त हुई मोदी सरकार: अचल संपत्ति के मामले में आईएएस-आईपीएस बतायें कहां से और कैसे मिली 'प्रॉपर्टी'

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 03 Dec 2021 06:07 PM IST
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सार
डीओपीटी ने केंद्र सरकार के सभी सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर उक्त जानकारी लेने के लिए कहा है। यदि कोई आईएएस अफसर 31 जनवरी 2022 तक यह जानकारी नहीं देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी...
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DoPT asked to all Secretaries of the Central Government and the Chief Secretaries of states, ordering the submission of immovable property returns by the IAS and IPS by January 31, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

देश में आईएएस अफसरों के पास कितनी अचल संपत्ति है और वह कहां से मिली है, ये जानकारी हर हाल में देनी होगी। इस जानकारी को लेकर मोदी सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। केंद्र एवं राज्यों में कार्यरत सभी आईएएस अधिकारियों को वह 'स्रोत' भी बताना पड़ेगा, जिसके जरिए उसके परिवार के किसी सदस्य ने वह प्रॉपर्टी ली है। अगर किसी अधिकारी ने परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति के नाम पर कोई अचल संपत्ति ली है तो उसका ब्यौरा भी देना अनिवार्य है।



डीओपीटी की एस्टेब्लिशमेंट अफसर एवं अतिरिक्त सचिव दीप्ति उमाशंकर ने केंद्र सरकार के सभी सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर उक्त जानकारी लेने के लिए कहा है। यदि कोई आईएएस अफसर 60 दिन (31 जनवरी 2022 तक) में यह जानकारी नहीं देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

1800 आईएएस ने तय समय पर नहीं दिया ब्यौरा

आईएएस अफसरों से हर बार यह जानकारी मांगी जाती है, लेकिन अनेक अफसर इसे गंभीरता से नहीं लेते। कोई अफसर आधी अधूरी जानकारी देता है, तो कई दूसरे अधिकारी अचल संपत्ति रिटर्न जमा करना जरूरी नहीं समझते। वे नोटिस की भी कोई परवाह नहीं करते। साल 2017 के दौरान कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सामने आया था कि 1800 से अधिक आईएएस ने तय समय पर अचल संपत्ति रिटर्न जमा नहीं कराया। इनमें कर्नाटक कैडर के 82, आंध्रप्रदेश के 81, असम 72, पंजाब के 70, मेघालय के 72, उत्तरप्रदेश के 255, राजस्थान के 153, पश्चिम बंगाल के 100 से अधिक आईएएस, बिहार के 74, महाराष्ट्र के 67, मणिपुर-त्रिपुरा के 64 और हिमाचल प्रदेश के 60 आईएएस अधिकारियों ने अचल संपत्ति रिटर्न जमा नहीं कराया था। इससे पहले के दो तीन वर्षों में अचल संपत्ति रिटर्न जमा न कराने वाले आईएएस अफसरों की संख्या सालाना लगभग 1500 रही है। केंद्र सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सभी आईएएस अफसरों से उनकी अचल संपत्ति की जानकारी मांगी जाती है। इसके लिए दो माह का समय निर्धारित है।

जानकारी देने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते अफसर

डीओपीटी के एक अधिकारी के मुताबिक, आईएएस अधिकारी इस जानकारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते। कुछ तो ऐसे अफसर हैं जो अचल संपत्ति रिटर्न को इस तरह से भरते हैं कि उसमें कुछ समझ ही नहीं आता। परिवार या बाहर के किसी व्यक्ति के नाम पर अधिकारी ने प्रॉपर्टी खरीदी है तो उसमें ठोस साक्ष्यों का अभाव रहता है। 2018 के दौरान अचल संपत्ति रिटर्न जमा कराने के लिए अधिकारियों को रिमाइंडर भेजा गया। इसके बावजूद अनेक अधिकारियों ने रिटर्न पर गौर नहीं किया। दो हजार से अधिक आईएएस ने अचल संपत्ति रिटर्न जमा नहीं कराया था। इस तरह की जानकारी छिपाने में आईपीएस भी पीछे नहीं हैं। अचल संपत्ति रिटर्न जमा नहीं कराने वाले अफसरों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है। उन्हें पदोन्नति और एम्पेनलमेंट से वंचित किया जा सकता है। ऐसे अफसरों की विजिलेंस क्लीयरेंस रोक दी जाती है। अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968  के नियम 16(2) के अनुसार, सभी आईएएस-आईपीएस अफसरों के लिए अपनी अचल संपत्तियों की जानकारी देना अनिवार्य है। अचल संपत्ति रिटर्न जमा न कराने वाला अफसर प्रतिनियुक्ति पर दूसरे विभाग या विदेश में जाने के लिए आवेदन देता है तो वह केस लटक सकता है।

31 जनवरी 2022 तक ऑनलाइन भरना होगा ब्यौरा

डीओपीटी द्वारा अब यह जानकारी ऑनलाइन मांगी जाती है। इस बार अचल संपत्तियों की जानकारी देने के लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी 2022 तय की गई है। डीओपीटी की वह साइट 31 जनवरी को अपने आप बंद हो जाएगी। जो अधिकारी इस तारीख तक अपनी अचल संपत्ति की जानकारी नहीं देंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार, कार्रवाई होगी। आईएएस अधिकारी को अचल संपत्तियों के बारे में सारी जानकारी देनी होगी। मसलन, वह संपत्ति कहां है। जिला, सब डिवीजन और गांव के नाम का भी उल्लेख करना होगा। आवासीय भूमि और अन्य भवनों का पूर्ण ब्यौरा देना पड़ेगा। उस प्रॉपर्टी का वर्तमान में कितना मूल्य है, ये भी बताना होगा। यदि संपत्ति अपने स्वयं के नाम पर नहीं है तो ये जानकारी देना अनिवार्य है कि वह प्रॉपर्टी किसके नाम पर है। सरकारी अधिकारी का उस व्यक्ति से क्या संबंध है। संपत्ति कैसे अर्जित की गई है, क्या वह नकद खरीदी गई है, पट्टे पर ली है, उत्तराधिकार में मिली है, उपहार अथवा किसी दूसरे स्रोत से मिली है, ये जानकारी देना अनिवार्य है। अचल संपत्ति से वार्षिक आय कितनी हो रही है, ये भी बताना पड़ेगा।

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