मुस्लिम बोर्ड को वेंकैया नायडू का जवाब- जबरदस्ती अपने विचार न थोपें
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वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से दूसरों पर जबरदस्ती अपने विचार न थोपने के लिए कहा है। नायडू ने मुस्लिम बोर्ड से कहा है कि लॉ कमीशन के द्वारा पूछे गए समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सियासत न करे।
समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से नायडू ने मुस्लिम बोर्ड से कहा ''आप लॉ कमीशन का वहिष्कार करने चाहते हैं तो यह आपकी पसंद हो सकती है।'' नायडू ने कहा कि यह उचित नहीं है कि हर वक्त हर मुद्दे में प्रधानमंत्री का नाम घसीटा जाए।
नायडू ने कहा ''तीन तलाक का मुद्दा समान नागरिक संहिता से जोड़ा जा रहा है, मुख्य मुद्दा जेंडर आधारित न्याय, गैर बराबरी, और महिलाओं की मर्यादा से जुड़ा है।'' नायडू ने वादा किया कि किसी पर कुछ भी थोपा नहीं जाएगा।
'सरहद तो संभल नहीं रही, अंदरूनी जंग की तैयारी कर रहे हैं'
इससे पहले गुरुवार को आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार पर समुदायों के बीच कलह कराने का आरोप लगाते हुए कहा था कि समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के खिलाफ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुस्लिम बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा था "ऐसा लगता है कि मोदी सरकार 30 महीने की असफलता से ध्यान भटकाने के लिए सामान आचार संहिता के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। सरकार अब एक नया युद्ध छेड़ रही है। सरहद तो संभल नहीं रही, अंदरूनी जंग की तैयारी कर रहे हैं।"
हालांकि बीजेपी नेताओं की कोशिश यह रही है कि समान नागरिक संहिता और तीन तलाक का एक-दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है। दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं।
सरकार सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश कर चुकी है कि तीन तलाक का मुद्दा असंवैधानिक और लैंगिक समानता के उल्लंघन है।