CM vs CM: 'आप भारत को नंबर-1 मत बनाओ, मोदीजी पहले से बना रहे', इन दो राज्य के सीएम के बीच जुबानी जंग तेज
आप व भाजपा के बीच दिल्ली की शराब नीति को लेकर पहले से जंग छिड़ी हुई है। वहीं, सरमा की पत्नी पर पीपीई किट घोटाले के दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आरोपों से भी असम के सीएम खफा है। वे सिसोदिया के खिलाफ मानहानि केस दायर कर चुके हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच ट्विटर पर जुबानी जंग तेज होती जा रही है। केजरीवाल के दावे की हम भारत को नंबर-1 बना रहे हैं, पर सरमा ने पलटवार किया है। सरमा ने केजरीवाल से कहा, 'आप भारत को नंबर-1 मत बनाओ, मोदी जी पहले से यह काम कर रहे हैं।'
आप व भाजपा के बीच दिल्ली की शराब नीति को लेकर पहले से जंग छिड़ी हुई है। वहीं, सरमा की पत्नी पर पीपीई किट घोटाले के दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आरोपों से भी असम के सीएम खफा है। वे सिसोदिया के खिलाफ मानहानि केस दायर कर चुके हैं।
सरमा v/s केजरीवाल: यूं शुरू हुई जुबानी जंग
- दरअसल, दोनों सीएम के बीच जुबानी जंग की शुरुआत असम सरकार के स्कूल संबंधी फैसले को लेकर हुई।
- असम सरकार ने फैसला किया है कि जिन स्कूलों के कक्षा 10 वीं के बच्चे फेल हो गए हैं, उन्हें बंद किया जाएगा।
- इस पर केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि स्कूल बंद करना समस्या का समाधान नहीं है।
- इसके जवाब में असम के सीएम सरमा ने उन स्कूलों की सूची जारी की, जो उनके शिक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे।
- इसके बाद केजरीवाल ने जवाब दिया कि उनका इरादा असम सरकार की आलोचना करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे असम सरकार के अच्छे काम देखने के लिए राज्य का दौरा करेंगे। भारत तभी नंबर-1 बनेगा, जब हम एक दूसरे से सीखेंगे। इसके साथ ही केजरीवाल ने अपने 'मेक इंडिया नंबर-1' अभियान का भी जिक्र किया।
असम दिल्ली से 50 गुना बड़ा है : सरमा
इसके जवाब में सरमा ने ट्वीट किया, 'डियर केजरीवाल जी, आपकी अज्ञानता पीड़ादायक है। मैं आपको बताता हूं। असम दिल्ली से 50 गुना बड़ा है। हमारे 44,521 सरकारी स्कूलों में 65 लाख बच्चे पढ़ते हैं। जबकि दिल्ली में 1000 से कुछ ज्यादा स्कूल हैं। हमारे पास दो लाख शिक्षकों की समर्पित सेना है। 1.18 लाख मिड डे मील वर्कर हैं। हमारी चुनौतियों को आप देखेंगे तो प्रवचन देना भूल जाएंगे। असम बाढ़, आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। हमारे पास दिल्ली जैसे संसाधन नहीं हैं। जब आप असम आओगे तो मैं आपका मेडिकल कॉलेज ले जाऊंगा, ये आपके मोहल्ल क्लिनिक से बेहतर हैं। मैं आपको हमारे होनहार विद्यार्थियों और शिक्षकों से भी मिलवाऊंगा।'
Dear @ArvindKejriwal Ji, Your ignorance is painful. Let me help you. Assam is 50 times bigger than Delhi! Our 44521 govt schools teach 65 lakh students- against your 1000+ odd schools. Our army of dedicated teachers number 2+ lakh; Midday meal workers 1.18 lakh. Fathom it?👇
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 26, 2022