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डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बुलाई पार्टी की आपात बैठक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:35 AM IST
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डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने आज पार्टी की आपातकालीन बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि आज इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बता दें कि एम. करुणानिधि की मौत को अभी एक सप्ताह भी नहीं हैं कि परिवार में करुणानिधि की विरासत को लेकर झगड़ा शुरू हो गया है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से निष्कासित करुणानिधि के बड़े बेटे एमके आलागिरी ने उनकी विरासत पर अपना दावा ठोका है। उन्होंने कहा कि कि उनके सभी रिश्तेदार, पिता के समर्थक और सभी सहयोगी उनके साथ हैं। अलागिरी का यह बयान डीएमके कार्यकारी समिति की बैठक से ठीक पहले आया है।
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इस दौरान जब उनसे भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भविष्य की राजनीतिक योजना पर आने वाला वक्त बताएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अभी पार्टी के सदस्य नहीं हैं और वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। बता दें कि डीएमके की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों भाइयों में काफी समय से विवाद चल रहा है।
बता दें कि 2014 में करुणानिधि ने अपने बड़े बेटे एमके अलागिरी को पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप में निकाल दिया था। जिसके बाद 2016 में उन्होंने अपने छोटे बेटे एमके स्टालिन को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया था। लेकिन अब एमके अलागिरी करुणानिधि की विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं।
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Chennai: DMK Working President MK Stalin arrives for the party's Emergency Executive Meeting. #TamilNadu pic.twitter.com/wKarhek2Qy
— ANI (@ANI) August 14, 2018
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से निष्कासित करुणानिधि के बड़े बेटे एमके आलागिरी ने उनकी विरासत पर अपना दावा ठोका है। उन्होंने कहा कि कि उनके सभी रिश्तेदार, पिता के समर्थक और सभी सहयोगी उनके साथ हैं। अलागिरी का यह बयान डीएमके कार्यकारी समिति की बैठक से ठीक पहले आया है।
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इस दौरान जब उनसे भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भविष्य की राजनीतिक योजना पर आने वाला वक्त बताएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अभी पार्टी के सदस्य नहीं हैं और वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। बता दें कि डीएमके की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों भाइयों में काफी समय से विवाद चल रहा है।
बता दें कि 2014 में करुणानिधि ने अपने बड़े बेटे एमके अलागिरी को पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप में निकाल दिया था। जिसके बाद 2016 में उन्होंने अपने छोटे बेटे एमके स्टालिन को अपना सियासी वारिस घोषित कर दिया था। लेकिन अब एमके अलागिरी करुणानिधि की विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं।