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करुणानिधि के निधन के बाद सदमे से 248 लोगों की मौत
एजेंसी, चेन्नई
Updated Wed, 29 Aug 2018 06:07 AM IST
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एम करुणानिधि
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने मंगलवार को कहा कि पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि के निधन के बाद सदमा लगने से पार्टी के 248 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। पार्टी ने उनके परिवारों को दो-दो लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। डीएमके के दिग्गज नेता एम करुणानिधि ने लंबी बीमारी के बाद सात अगस्त को यहां एक निजी अस्पातल में आखिरी सांस ली।
पार्टी की आम परिषद की बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया कि करुणानिधि के स्वास्थ्य खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने और बाद में उनकी मौत के बारे में जानकारी मिलने के बाद 248 पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। उनकी मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए आम परिषद ने उनके परिवारों को दो-दो लाख रुपये यानी कुल 4.96 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
एमके स्टालिन को मिली पिता की विरासत
करुणानिधि की मौत के बाद उनके बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को मंगलवार को आधिकारिक तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। पार्टी के महासचिव के. अंबाजगन ने बताया कि एमके. स्टालिन आम सहमति से द्रमुक के अध्यक्ष चुने गये हैं। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर डीएमके के सामान्य परिषद की बैठक हुई जिसमें उनके राज्याभिषेक का फैसला लिया गया। बैठक से पहले मुख्यालय पहुंचकर स्टालिन ने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा था।
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पिता की मौत के बाद एमके स्टालिन और उनके भाई एमके अलागिरी के बीच लगातार जुबानी जंग खूब चली थी। अलागिरी पार्टी में शामिल होने की ताक में हैं। पूर्व डीएमके मंत्री को करुणानिधि ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अपमानजनक टिप्पणी करने की वजह से 2014 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने एमके स्टालिन को अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था।
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पार्टी की आम परिषद की बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया कि करुणानिधि के स्वास्थ्य खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने और बाद में उनकी मौत के बारे में जानकारी मिलने के बाद 248 पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। उनकी मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए आम परिषद ने उनके परिवारों को दो-दो लाख रुपये यानी कुल 4.96 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
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एमके स्टालिन को मिली पिता की विरासत
करुणानिधि की मौत के बाद उनके बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को मंगलवार को आधिकारिक तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। पार्टी के महासचिव के. अंबाजगन ने बताया कि एमके. स्टालिन आम सहमति से द्रमुक के अध्यक्ष चुने गये हैं। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर डीएमके के सामान्य परिषद की बैठक हुई जिसमें उनके राज्याभिषेक का फैसला लिया गया। बैठक से पहले मुख्यालय पहुंचकर स्टालिन ने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा था।
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पिता की मौत के बाद एमके स्टालिन और उनके भाई एमके अलागिरी के बीच लगातार जुबानी जंग खूब चली थी। अलागिरी पार्टी में शामिल होने की ताक में हैं। पूर्व डीएमके मंत्री को करुणानिधि ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अपमानजनक टिप्पणी करने की वजह से 2014 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने एमके स्टालिन को अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था।