तमिलनाडु: DMK ने राज्यपाल पर फिर साधा निशाना, कहा- जब ट्रेन हादसे से शोक में था देश, तब राजनीति कर रहे थे रवि
द्रमुक के मुखपत्र 'मुरासोली' ने कहा कि कुछ दिन पहले पूरा देश इस रेल हादसे से जूझ रहा था, क्योंकि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। लेकिन, राज्यपाल को किसी बात की चिंता नहीं थी।
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने बुधवार को राज्यपाल आरएन रवि की आलोचना की। सत्तारूढ़ पार्टी ने आरोप लगाया कि पूरा देश जब दो जून को ओडिशा में रेल दुर्घटना के बाद शोक में था, तब वह ऊटी के ठंडे मौसम में कुलपतियों की बैठक बुलाकर राजनीति कर रहे थे।
राज्यपाल को किसी बात की चिंता नहीं थी..
पार्टी ने मुखपत्र 'मुरासोली' ने कहा कि कुछ दिन पहले पूरा देश इस रेल हादसे से जूझ रहा था, क्योंकि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। लेकिन, राज्यपाल को किसी बात की चिंता नहीं थी। तमिल दैनिक ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी योजना के मुताबिक तीन जून को ठंडे मौसम वाले शहर ऊटी की यात्रा की और कुलपतियों की बैठक बुलाकर राजनीति की।
नई शिक्षा नीति की जगह निवेश पर बात की..
इसमें आगे कहा गया है कि रवि ने घोषणा की थी कि वह कुलपतियों के साथ केंद्र की नई शिक्षा नीति के बारे में बात करेंगे। लेकिन, उन्होंने निवेश को आकर्षित करने के विषय पर बात कर अपनी अपरिपक्वता का इजहार किया। इसका विश्वविद्यालय के कुलपतियों से कोई लेना-देना नहीं था। 'मुरासोली' ने राज्यपाल की निंदा करने के लिए 'अधपके विचार' शब्द का भी इस्तेमाल किया।
रवि ने स्टालिन के दौरे को कमतर कर आंका..
राज्यपाल ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि यहां निवेशक केवल इसलिए नहीं आएंगे, क्योंकि उन्हें ऐसा करने के लिए कहा गया है। इसे स्टालिन पर परोक्ष हमले के तौर पर देखा गया, जिन्होंने हाल ही में निवेशकों को लुभाने के लिए सिंगापुर और जापान की यात्रा की थी। वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने मंगलवार को कहा कि रवि ने स्टालिन के दौरे को कमतर करके आंका है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विदेशी निवेश लाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
न खुद कोई काम किया और न कुलपतियों को करने दिया..
निवेश आकर्षित करने के लिए पीएम मोदी के विदेश दौरे का हवाला देते हुए द्रमुक के अखबार ने कहा कि उसका मानना है कि रवि को भी इस तरह की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। अखबार ने दावा किया कि रवि ने चेन्नई और ऊटी में राजभवन परिसर में जीवन के मजे लिए। एक तमिल कहावत का हवाला देते हुए इसमें आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल ने न खुद कोई काम किया और न ही कुलपतियों को काम करने दिया।
उनकी बाजीगरी यहां सफल नहीं होगी...
तमिल दैनिक ने आगे लिखा, रवि ने अभी तक सबक नहीं सीखा है और हम उन्हें याद दिला दें.. यह तमिलनाडु है, जिसका नेतृत्व मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन ने किया है। उनकी (रवि की) बाजीगरी यहां सफल नहीं होगी। वहीं, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने रवि के खिलाफ 'गलत भाषा' का इस्तेमाल करने के लिए 'मुरासोली' की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस लेख ने द्रमुक और पार्टी नीत सरकार दोनों का कद कम कर दिया है। कुलाधिपति के रूप में रवि ने कुलपतियों को राज्य और उसके लोगों की भलाई और तमिलनाडु के विकास के लिए सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि यह लेख राजनीति से प्रेरित और अपमानजनक है।
मुरासोली ने दुर्घटना के बाद तमिलनाडु सरकार और अन्य लोगों के द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी को साझा किया और कहा कि रवि तब ऊटी में थे। अखबार ने एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी में उन्हें 'सुगाजीवी' (एक व्यक्ति जो जीवन की सुख-सुविधाओं का आनंद लेता है) करार दिया।