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पलनीस्वामी के विश्वासमत के खिलाफ कोर्ट पहुंची डीएमके, भूख हड़ताल पर बैठे विधायक
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:45 PM IST
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तमिलनाडु में विश्वासमत हासिल करने के तरीके को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने आज मद्रास हाई-कोर्ट में नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री पलनीस्वामी के विश्वासमत को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से विधानसभा में हुए हंगामे का वीडियो पेश करने को कहा। इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
डीएमके की तरफ से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट, के बालू ने कहा कि उनके पास इस बात का सबूत है कि एआईएडीमके विधायकों को गोल्डेन बे रिजॉर्ट में 11 दिनों तक अपहरण कर रखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि कई विधायकों ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं इस मामले में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता, पनरुत्ति रामचंद्रन ने कहा कि डीएमके विश्वासमत के खिलाफ जनता के बीच अफवाह फैला रही है। सीक्रेट बैलेट का इस्तेमाल दल-बदल कानून के खिलाफ है। विधानसभा और यहां तक की संसद में सीक्रेट बैलेट का कोई प्रवाधान नहीं हैं, हां चुनावों के समय जरूर इसका इस्तेमाल किया जाता है।
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इससे पहले डीएमके विधायकों ने विश्वासमत के दौरान विधान सभा से जबरन निकाले जाने को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष स्टॅालिन के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल की घोषणा की। यह हड़ताल तमिलनाडु के सभी जिलों में की जाएगी।
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डीएमके की तरफ से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट, के बालू ने कहा कि उनके पास इस बात का सबूत है कि एआईएडीमके विधायकों को गोल्डेन बे रिजॉर्ट में 11 दिनों तक अपहरण कर रखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि कई विधायकों ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।
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वहीं इस मामले में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता, पनरुत्ति रामचंद्रन ने कहा कि डीएमके विश्वासमत के खिलाफ जनता के बीच अफवाह फैला रही है। सीक्रेट बैलेट का इस्तेमाल दल-बदल कानून के खिलाफ है। विधानसभा और यहां तक की संसद में सीक्रेट बैलेट का कोई प्रवाधान नहीं हैं, हां चुनावों के समय जरूर इसका इस्तेमाल किया जाता है।
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इससे पहले डीएमके विधायकों ने विश्वासमत के दौरान विधान सभा से जबरन निकाले जाने को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष स्टॅालिन के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल की घोषणा की। यह हड़ताल तमिलनाडु के सभी जिलों में की जाएगी।