फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dispute between Maharashtra government and Railways not taking name of pause

थमने का नाम नहीं ले रहा महाराष्ट्र सरकार और रेलवे के बीच विवाद

Tue, 26 May 2020 04:53 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Tue, 26 May 2020 04:53 PM IST
विज्ञापन
Dispute between Maharashtra government and Railways not taking name of pause
श्रमिक स्पेशल ट्रेन - फोटो : PTI

महाराष्ट्र सरकार और रेलवे के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को आरोपों का नया दौर शुरू हो गया, राष्ट्रीय परिवाहक ने कहा कि महाराष्ट्र यात्रियों की सूचना उपलब्ध नहीं करा रहा जिसके चलते कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नहीं चल पाईं।

विज्ञापन


रेलवे ने कहा कि महाराष्ट्र से प्रवासी श्रमिकों को निकालने के लिए उसने 25 मई 125 ट्रेनें चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन राज्य सरकार देर रात दो बजे तक केवल 41 ट्रेनों के लिए सूचना दे पाई। रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि इन 41 ट्रेनों में से केवल 39 ट्रेनें चल पाईं, क्योंकि स्थानीय अधिकारी यात्रियों को लेकर नहीं आ पाए और दो ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।
विज्ञापन


इसमें कहा गया कि कुशलता से योजना बनाने और निरंतर प्रयास के बाद रेलवे ने बहुत कम समय में अपने संसाधनों को जुटाया और 26 मई को महाराष्ट्र से रवाना करने के लिए 145 श्रमिक ट्रेनें तैयार कीं।रेलवे ने कहा कि दोपहर 12 बजे तक, महाराष्ट्र से 25 ट्रेनें चलाने की योजना थी, लेकिन यात्रियों के अभाव में कोई ट्रेन प्रस्थान नहीं कर सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहली ट्रेन में यात्रियों का सवार होना दोपहर साढ़े 12 बजे सीएसएमटी स्टेशन से हो पाया। रेलवे के मुताबिक, इनमें से 68 ट्रेनों को उत्तर प्रदेश के लिए, 27 को बिहार के लिए, 41 को पश्चिम बंगाल, और एक-एक ट्रेन छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड और केरल तथा दो-दो ट्रेनों को ओडिश और तमिलनाडु के लिए रवाना करना था।

पिछले दो दिनों से, श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र सरकार में राजनीतिक खींचतान चल रही है, जहां राज्य ने आरोप लगाया है कि उन्हें पर्याप्त ट्रेनें नहीं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि प्रवासियों की आवाजाही के लिए विभिन्न राज्यों के नोडल अधिकारियों से अनुमति लेने के लिए हमने केंद्र के प्रोटोकॉल का पालन किया है।  रेलवे प्रतिदिन 150 ट्रेनों को चलाने के मानदंडों को पूरा करने में असमर्थ रहा है। पीयूष गोयल रेलवे की विफलता को कवर करने की कोशिश कर रहे हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed