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तेल का खेल: कम पेट्रोल देकर ग्राहकों को हर साल 250 करोड़ रुपये की चपत

Sun, 30 Apr 2017 12:08 PM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर Updated Sun, 30 Apr 2017 12:08 PM IST
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Dispensing machines bugged: The racket could be worth Rs 250 crore annually
पेट्रोल पंप - फोटो : Axis
हाल ही में इलेक्ट्रोनिक चिप के जरिए पेट्रोल पंप पर हो रहे घोटाले के वीडियो खूब वायरल हुए। अब खबरे है कि यह पूरा घोटाला करीब 250 करोड़ रुपये सालाना का हो सकता है। यह कीमत तब आंकी जा रही है, जब माना जाए कि पेट्रोल पंप पर 10 फीसदी कम तेल दिया जाता है।
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पेट्रोलियम मंत्रायल के आंकड़ो के अनुसार, राज्यों के 59,595 पेट्रोल पंपों से 3.5 करोड़ उपभोक्ताओ द्वारा करीब 2,500 करोड़ रुएये का पेट्रोल-डीजल हर साल खरीदा जाता है। लोगों ने कहा कि यूपी एसटीएफ द्वारा सामने लाया गया घोटाला समूद्र में बाल्टी पर भर पानी के समान है। एसटीएफ ने 7 पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर ईंधन देने में घोटाले का खुलासा किया था।
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इस घोटाले में 1000 से ज्यादा मशीनों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी रविंद्र ने कहा कि लोगों को 10 से 15 फीसदी कम तेल मिलता है। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसटीएफ का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा मुरादाबाद में भी 5 पेट्रोल पंपों पर छापेमारी में 2 इंजीनियरों को हिरासत में लिया गया।
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इस मुद्दे पर एसटीएफ का गठन करने वाले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह लोगों को पेट्रोल पंपों से भरोसा कम होगा। इस पूरे प्रकरण में सिर्फ कम ईँधन ही नहीं, बल्कि ईंधन में मिलावट भी बड़ी समस्या है।
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