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असहमति पर अंकुश के लिए सरकारी मशीनरी को लगाने से पैदा होता है डर: न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

Sat, 15 Feb 2020 08:51 PM IST
Trainee Trainee पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 15 Feb 2020 08:51 PM IST
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Disagreement is safety valve of democracy Justice Chandrachud
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने असहमति को लोकतंत्र का सेफ्टी वॉल्व करार दिया। शनिवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि असहमति को एक सिरे से राष्ट्र-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी बता देना संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण व विचार-विमर्श करने वाले लोकतंत्र को बढ़ावा देने के प्रति देश की प्रतिबद्धता के मूल विचार पर चोट करता है।

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न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने अहमदाबाद में एक व्याख्यान देते हुए यह भी कहा कि असहमति पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल डर की भावना पैदा करता है जो कानून का शासन का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि असहमति को एक सिरे से राष्ट्र-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी करार देना संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण व विचार-विमर्श करने वाले लोकतंत्र को बढ़ावा देने के प्रति  देश की प्रतिबद्धता की मूल भावना पर चोट करती है। 
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न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि असहमति का संरक्षण करना यह याद दिलाता है कि लोकतांत्रिक रूप से एक निर्वाचित सरकार हमें विकास व सामाजिक समन्वय के लिए एक न्यायोचित औजार प्रदान करती है, वे उन मूल्यों और पहचानों पर कभी एकाधिकार का दावा नहीं कर सकती जो हमारी बहुलवादी समाज को परिभाषित करती हैं।
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वह 15 वें न्यायमूर्ति पीडी देसाई स्मारक व्याख्यान ‘भारत को निर्मित करने वाले मतों : बहुलता से बहुलवाद तक’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि असहमति पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी मशीनरी को लगाना डर की भावना पैदा करता है और स्वतंत्र शांति पर एक डरावना माहौल पैदा करता है जो कानून के शासन का उल्लंघन करता है और बहुलवादी समाज की संवैधानिक दूरदृष्टि से भटकाता है। 


न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) ने देश के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवाल करने की गुंजाइश को खत्म करना और असहमति को दबाना सभी तरह की प्रगति-राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बुनियाद को नष्ट करता है। इस मायने में असहमति लोकतंत्र का एक सेफ्टी वॉल्व है।

 

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