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दिलीप घोष बोले-चुनाव में 'विक्टिम कार्ड' खेलने खुद राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ममता
Fri, 13 Nov 2020 05:10 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 13 Nov 2020 05:10 PM IST
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दिलीप घोष
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरू हो चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह खुद राज्य में हालात बिगाड़ कर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ताकि चुनाव में 'विक्टिम कार्ड' खेल सकें। इतना ही नहीं घोष ने अपने ऊपर हुए हमले के लिए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ टीएमसी के सदस्य और जीजेएम के बिमल गुरुंग के नेतृत्व वाले गुट ने उन पर हमले की साजिश रची थी।
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टीएमसी ने राष्ट्रविरोधी ताकतों से हाथ मिलाया
घोष ने संवाददाताओं से कहा कि टीएमसी ने अब ऐसी सेनाओं से हाथ मिला लिया है, जिसे उसने कभी 'राष्ट्र विरोधी' करार दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पहाड़ी क्षेत्र में अपने प्रभाव और समर्थन के आधार को बढ़ाने के लिए यहां 'धन का वितरण' कर रही थी।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 'यह सभी पूर्व नियोजित (काफिले पर हमला) था। टीएमसी नेतृत्व को इसके बारे में पता था और पुलिस ने इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।' भाजपा नेतृत्व ने टीएमसी पर पहाड़ी क्षेत्र और मैदानों में आतंक फैलाने का भी आरोप लगाया।
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घोष ने जोर देकर कहा, 'हमारे कार्यकर्ता डरे हुए नहीं हैं ... हम डरे हुए नहीं हैं। हम सड़कों पर उतरते रहेंगे। लोग हमारे साथ हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि वे स्वतंत्र रूप से मतदान करें।'
बंगाल पुलिस ममता कैडर
बता दें कि एक दिन पहले ही दिलीप घोष की काफिले की कार पर पथराव कर चार शीशे तोड़ दिए गए थे। इसके बाद भाजपा विधायकों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर था। पुलिस ने 40 भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था।
दिलीप घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल पुलिस ममता बनर्जी की कैडर के तौर पर काम करती है, यहां पुलिस के सामने नेताओं पर हमले होते हैं, लेकिन एक एफआईआर तक नहीं होती। दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी खुद चाहती हैं कि राज्य में धारा 356 लागू हो जाए। बता दें, इसी धारा के तहत केंद्र द्वारा किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है।
घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार जानबूझकर केंद्र सरकार को इसके इस्तेमाल के लिए मजबूर कर रही है ताकि वह चुनाव में विक्टिम कार्ड खेल सकें। दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में माफिया और गुंडे हैं जो लोगों को डराने का काम करते हैं और हिंसा का सहारा लेते हैं।
तृणमूल के कई नेता बागी
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि टीएमसी में कई नेता बागी सुर अपना रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी समेत टीएमसी में चार-पांच विधायक ऐसे भी हैं, जो बागी सुर अपना रहे हैं। वह कहते हैं कि पार्टी में उनका दम घुटता है, टीएमसी में कोई मान-सम्मान नहीं मिलता है। चर्चा ऐसी भी हैं कि लोग कहीं पार्टी ना छोड़ दें।