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BJP: 'बंगाल में बांग्लादेश बनाने की साजिश..', दिलीप घोष ने नई बाबरी मस्जिद को बताया ममता बनर्जी का तोहफा
Sat, 13 Dec 2025 01:08 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल)
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:08 PM IST
सार
BJP: पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद की मांग राज्य में बांग्लादेश बनाने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से तोहफा दिया जा रहा है।
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दिलीप घोष
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद बनाने की मांग राज्य में 'बांग्लादेश बनाने की साजिश' का हिस्सा है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 'तोहफा' करार दिया और मस्जिद का नाम मुगल शासक बाबर के नाम पर रखने पर भी सवाल उठाया।
घोष ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत में कहा, जब पूरे देश में कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं है, तो फिर इसे बंगाल में क्यों बनाया जा रहा है? क्योंकि यहां बांग्लादेश बनाने की साजिश चल रही है और यह ममता बनर्जी का तोहफा है। मस्जिद बनाना गलत नहीं है, लेकिन आप इसे बाबर के नाम पर क्यों बना रहे हैं? बाबर एक अत्याचारी आक्रांता था।
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भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने एलान किया था कि वह 22 दिसंबर को एक नई सियासी पार्टी शुरू करेंगे, ताकि आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी को सीधे चुनौती दे सकें। कबीर मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाना चाहते हैं।
कबीर ने कहा, मैं 22 दिसंबर को एक नई पार्टी की घोषणा करूंगा। मैं ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारूंगा। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे इसके लिए हुमायूं कबीर का समर्थन लेना पड़ेगा। छह दिसंबर को कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि यह कदम सांविधानिक है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26(ए) के अनुरूप है, जो प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय को धार्मिक और परोपकारी संस्थान स्थापित करने और उनका प्रबंधन करने की अनुमति देता है।
उन्होंने कहा, मैं कुछ भी असांविधानिक नहीं कर रहा हूं। कोई मंदिर बना सकता है, कोई चर्च बना सकता है, मैं मस्जिद बनाऊंगा। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। ऐसा कहीं लिखा नहीं है।
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वहीं, भाजपा ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह कबीर को मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने की अनुमति देकर धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही हैं। राज्य की विपक्षी पार्टी ने हुमायूं के निलंबन में देरी पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने कबीर के पहले के बयानों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर जिले में सत्तर फीसदी मुस्लिम आबादी होने का दावा किया था और चेतावनी दी थी कि ममता बनर्जी की निष्क्रियता से राज्य की स्थिरता को खतरा हो सकता है। मस्जिद की नींव रखने के बाद कबीर ने कहा था कि मस्जिद के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसमें एक अस्पताल, गेस्ट हाउस और बैठक कक्ष भी शामिल होंगे। उन्होंने दोहराया, यह मुसलमानों का वादा है, बाबरी मस्जिद बनेगी, बनेगी, बनेगी।
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घोष ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत में कहा, जब पूरे देश में कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं है, तो फिर इसे बंगाल में क्यों बनाया जा रहा है? क्योंकि यहां बांग्लादेश बनाने की साजिश चल रही है और यह ममता बनर्जी का तोहफा है। मस्जिद बनाना गलत नहीं है, लेकिन आप इसे बाबर के नाम पर क्यों बना रहे हैं? बाबर एक अत्याचारी आक्रांता था।
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भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने एलान किया था कि वह 22 दिसंबर को एक नई सियासी पार्टी शुरू करेंगे, ताकि आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी को सीधे चुनौती दे सकें। कबीर मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाना चाहते हैं।
कबीर ने कहा, मैं 22 दिसंबर को एक नई पार्टी की घोषणा करूंगा। मैं ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारूंगा। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे इसके लिए हुमायूं कबीर का समर्थन लेना पड़ेगा। छह दिसंबर को कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि यह कदम सांविधानिक है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26(ए) के अनुरूप है, जो प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय को धार्मिक और परोपकारी संस्थान स्थापित करने और उनका प्रबंधन करने की अनुमति देता है।
उन्होंने कहा, मैं कुछ भी असांविधानिक नहीं कर रहा हूं। कोई मंदिर बना सकता है, कोई चर्च बना सकता है, मैं मस्जिद बनाऊंगा। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। ऐसा कहीं लिखा नहीं है।
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वहीं, भाजपा ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह कबीर को मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने की अनुमति देकर धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही हैं। राज्य की विपक्षी पार्टी ने हुमायूं के निलंबन में देरी पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने कबीर के पहले के बयानों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर जिले में सत्तर फीसदी मुस्लिम आबादी होने का दावा किया था और चेतावनी दी थी कि ममता बनर्जी की निष्क्रियता से राज्य की स्थिरता को खतरा हो सकता है। मस्जिद की नींव रखने के बाद कबीर ने कहा था कि मस्जिद के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसमें एक अस्पताल, गेस्ट हाउस और बैठक कक्ष भी शामिल होंगे। उन्होंने दोहराया, यह मुसलमानों का वादा है, बाबरी मस्जिद बनेगी, बनेगी, बनेगी।
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