Video: कभी जाकिर नाईक की शान में दिग्विजय सिंह ने पढ़े थे कसीदे, बताया था शांतिदूत
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इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन चलाने वाले जाकिर नाईक की तारीफ करके कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बुरी तरह फंस गए हैं। नाईक पर ढाका हमले में शामिल आतंकियों को भड़काने और का समर्थन करने के आरोप हैं। जाकिर नाईक को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिग्विजय सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह नाईक की तारीफ करते हुए देखे जा रहे हैं।
वीडियो साल 2012 का है। उस वक्त दिग्विजय सिंह नाईक के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां मंच से उन्होंने नाईक की तारीफ में जमकर पुल बांधे थे। दिग्विजय अपनी स्पीच के बाद नाईक से गले भी मिलते हैं।
आतंकियों को समर्थन की बात को लेकर मुस्लिम संगठनों का गुस्सा भी नाईक पर फूट रहा है। कई मुस्लिम संगठनों ने उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को जाकिर नाईक के सवाल पर मीडिया से कहा कि यदि जाकिर नाईक के खिलाफ कोई सबूत है तो भारत और बंग्लादेश की सरकारों को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
If there is evidence against Zakir Naik, GOI or Govt of Bangladesh should take strong action: Digvijaya Singh,Cong pic.twitter.com/3SMoqB0bnm
— ANI (@ANI_news) July 7, 2016
वहीं जाकिर नाईक के बारे में पूछे जाने पर केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि उनके भाषण सहित जो भी अखबारों में आ रहा है वो आपत्तिजनक है। गृह मंत्रालय पूरे मामले की जांच करेगा।
His speech & whatever is coming in newspapers is objectionable. Home Ministry will analyse everything: Venkaiah Naidu, I&B Min on Zakir Naik
— ANI (@ANI_news) July 7, 2016
सिरदर्द बन सकता है ये वीडियो
बता दें कि पीस टीवी पर नाईक की तकरीर लगातार आती हैं। इसके दुनियाभर में करोड़ों दर्शक हैं। बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में शामिल हरकत-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के छह आतंकियों में से दो के जाकिर के समर्थक होने की बात वहां के अधिकारियों ने स्वीकारी है। बांग्लादेश में भी जाकिर के समर्थकों की संख्या काफी है।
जाकिर हरेक मुसलमान को 'आतंकवादी' बनने की सलाह देता है। उसका तर्क है कि अमेरिका और इस्लाम के खिलाफ काम करने वाले सबसे बड़े आतंकी हैं। इन आतंकियों में आतंक भरने के लिए हरेक मुसलमान को आतंकवादी बनना चाहिए। ऐसे में दिग्विजय सिंह का नाईक की तारीफ करते हुए वीडियो सामने आना उनका सिरदर्द बन सकता है।
ये है जाकिर नाईक का इतिहास
जाकिर दावा करते हैं कि उन्होंने सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों को पढ़ रखा है। नाईक इससे पहले भी विवादों में आ चुके हैं। सबसे पहले नाइक तब विवादों में आए थे, जब उन्होंने कहा था कि वो ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी नहीं मानते। हालांकि, इस पर नाईक का कहना है कि जिस वीडियो में उन्हें ओसामा को आतंकी न मानने की बात दिखाई गई है, वो डॉक्टर्ड है।
जाकिर इसके बात तब भी विवादों में आए थे जब 2009 में न्यूयॉर्क के सबवे में फिदायीन हमले की साजिश रखने के आरोप में गिरफ्तार नजीबुल्ला के दोस्तों के अनुसार वह काफी वक्त तक नाईक की तकरीरों को टीवी पर देखता था। जाकिर पर कई मुल्कों में जाने पर रोक लगी है। शरीया कानून लागू करने और बाकी धर्मों की तीखी आलोचना के चलते ब्रिटेन, कनाडा, मलेशिया जैसे कई देशों ने इनके प्रवेश पर पाबंदी लगाई हुई है।