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तीन साल में डिजिटलीकरण पर खर्च होंगे 68 खरब डॉलर
Thu, 29 Oct 2020 12:13 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 29 Oct 2020 12:13 AM IST
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वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में डिजिटलीकरण की अहम भूमिका है। इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) का कहना है कि आने वाले समय में दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं का इस पर जोर बना रहेगा। यही वजह है कि अगले तीन साल में यानी 2020 से 2023 के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर 68 खरब डॉलर (6.8 ट्रिलियन डॉलर) खर्च होंगे।
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रिसर्च फर्म ने 2021 एवं इससे आगे के लिए आईटी उद्योग के पूर्वानुमानों में कहा, वैश्विक महामारी के कारण 2020 में कई मुश्किलें आई हैं। इस महामारी का प्रकोप हर जगह है। हालांकि, कई बाह्य कारण बदलाव के वाहक बन रहे हैं।
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इन बदलावों के साथ अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का डिजिटल सफर जारी रहेगा और 2022 तक वैश्विक जीडीपी का 65 फीसदी हिस्सा डिजिटल हो जाएगा। ज्यादातर उत्पाद और सेवाएं डिजिटल मॉडल पर आधारित होंगे।
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बदल जाएंगे निवेश और कारोबार के तरीके
आईडीसी का अनुमान है कि 2021 अंत तक 80 फीसदी उद्यम क्लाउड आधारित बुनियादी ढांचे और अनुप्रयोगों को अपनाएंगे। इसके अपनाने की गति महामारी से पहले के मुकाबले दोगुनी हो जाएगी। महामारी के दौरान कार्यबल और परिचालन प्रथाओं में काफी बदलाव देखने को मिला है।
इन बदलावों से 2023 से ज्यादातर उद्योगों में 80 फीसदी निवेश और कारोबार के तरीके बदल जाएंगे। साथ ही 2023 से विश्व की शीर्ष 2,000 कंपनियों में से 75 फीसदी अपने कार्यबल में तकनीक को शामिल करेंगी।
क्लाउड को अपनाना होगी मजबूरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की वजह से दुनियाभर की कंपनियों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इससे उबरने के लिए कंपनियों के 70 फीसदी मुख्य सूचना अधिकारी (सीओईओ) को 2023 तक मजबूरन डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए क्लाउड को अपनाना होगा।
स्मार्ट सीआईओ अगली पीढ़ी के डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करने के अवसरों की तलाश करेंगे, जो बुनियादी ढांचे और अनुप्रयोगों को आधुनिक एवं तर्कसंगत बनाएंगे। इससे कर्मचारियों एवं ग्राहकों के लिए नए उत्पाद, सेवाएं और अनुभवों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सेवाओं का तेजी से विस्तार कर सकेंगी कंपनियां
रिसर्च फर्म के मुताबिक, डिजिटलीकरण पर जोर देने वाली कंपनियों के लिए 2022 से नई परिस्थितियों के लिहाज से खुद को ढालने में मदद मिलेगी और ये 50 फीसदी तेजी से अपनी सेवाओं का विस्तार करेंगी।
डिजिटलीकरण की इस प्रक्रिया की वजह से 2024 से 80 फीसदी उद्यम अपने आपूर्तिकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं और साझेदारों से संबंधों को बेहतर करेंगे। इससे डिजिटल रणनीतियों को बेहतर ढंग से संचालित करने और संसाधनों के व्यापक प्रसार में मदद मिलेगी।