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ONOE: जेपीसी में एक राष्ट्र-एक चुनाव पर मतभेद; हरीश साल्वे ने किया समर्थन, एपी शाह ने बताया गैर-सांविधानिक

Mon, 17 Mar 2025 11:36 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Mon, 17 Mar 2025 11:36 PM IST
सार

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति के सदस्य रहे साल्वे ने दावा किया कि ओएनओई विधेयक मतदान के अधिकार या संघीय सिद्धांतों का हनन नहीं करता। प्रस्तावित सांविधानिक संशोधन संविधान की सीमाओं के भीतर हैं और इनसे चुनाव प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी।

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Differences in JPC on One Nation-One Election; Harish Salve supported, AP Shah called it unconstitutional
एक देश एक चुनाव संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी - फोटो : एएनआई

विस्तार

संसद की स्थायी समिति के समक्ष सोमवार को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (ओएनओई) विधेयक पर दो प्रतिष्ठित कानूनविदों ने विपरीत राय रखी। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने इसे संविधान-सम्मत बताया, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एपी शाह ने इसे संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे के विरुद्ध करार दिया। सूत्रों के अनुसार, भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति में लगभग पांच घंटे तक चर्चा हुई।

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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति के सदस्य रहे साल्वे ने दावा किया कि ओएनओई विधेयक मतदान के अधिकार या संघीय सिद्धांतों का हनन नहीं करता। प्रस्तावित सांविधानिक संशोधन संविधान की सीमाओं के भीतर हैं और इनसे चुनाव प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी। सूत्रों के मुताबिक, साल्वे ने तीन घंटे तक समिति को अपने तर्क समझाए।

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वहीं दूसरी ओर, भारतीय विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष शाह ने बिल के दो प्रमुख पहलुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग को राज्य विधानसभा चुनाव स्थगित करने का अधिकार देने वाले प्रावधान को असांविधानिक बताया। इसे संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा करार दिया। शाह ने कहा कि यह बिल संविधान की मूल संरचना के विपरीत है और इससे राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होगी। उनकी प्रस्तुति लगभग दो घंटे चली। समिति अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सदस्यों को विशेषज्ञों से सवाल पूछने का मौका मिला।

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