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असम: डिब्रूगढ़ जेल अधीक्षक नृपेन गिरफ्तार; खालिस्तानी अमृतपाल के सेल से डिजिटल उपकरण बरामदगी मामले में एक्शन

Fri, 08 Mar 2024 09:47 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़ Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 08 Mar 2024 09:47 PM IST
सार

पिछले महीने डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल से एक जासूसी कैमरा, एक स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर, एक स्मार्टवॉच और कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे। इसी मामले में अब यह कार्रवाई की गई है।

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Dibrugarh jail official arrested over seizure of electronic gadgets from 'Waris Punjab De' inmates
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल। - फोटो : फाइल फोटो।

विस्तार

असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में सुरक्षा में चूक के एक मामला सामने में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में जेल अधीक्षक नृपेन दास को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। असम पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी। गौरतलब है कि बीते महीने डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में खालिस्तानी आतंकी और 'वारिस पंजाब दे' से जुड़े कैदियों के पास से एक जासूसी कैमरा, एक स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर, एक स्मार्टवॉच और कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे। जिसके बाद इस मामले में जांच शुरू हुई थी। गौरतलब है कि यहां एनएसए के तहत गिरफ्तार किए गए खालिस्तानी आतंकी और 'वारिस पंजाब दे' प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके 9 सहयोगी पिछले साल 19 मार्च से बंद हैं। 

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ताजा कार्रवाई के बारे में पुलिस अधीक्षक वीवी राकेश रेड्डी ने मामले में अब तक हुई जांच के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पिछले महीने जेल से उपकरणों की बरामदगी की जांच के दौरान यह पाया गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत बंद कैदियों की जेल अधीक्षक और कर्मचारियों से मिलीभगत थी। जिसके बाद, मोबाइल डेटा, डिजिटल सबूत और ऐसे अन्य सबूतों के आधार पर एक नया मुकदमा दर्ज कर जेल अधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
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इससे पहले, जेल में सुरक्षा चूक के मामले में असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि अनधिकृत गतिविधियों का संकेत देने वाली खुफिया जानकारी के आधार पर जेल कर्मचारियों ने परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। उन्होंने कहा था कि इनके स्रोत का पता लगाया जा रहा है। एनएसए ब्लॉक में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई और निवारक उपाय लागू किए जा रहे हैं। 
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बता दें कि जबसे कट्टरपंथी संगठन के सदस्यों के आने के बाद से डिब्रूगढ़ जेल में एक बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी। डिब्रूगढ़ जेल, पूर्वोत्तर की सबसे पुरानी और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में से एक जिसका निर्माण 1859-60 में अंग्रेजों ने किया था।

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