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Abhay Narayan Death: ध्रुपद गायकी के स्तंभ पं अभय नारायण मल्लिक का निधन, 86 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
Wed, 25 Jan 2023 01:25 PM IST
शक्तिराज सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 25 Jan 2023 01:25 PM IST
सार
सेनीया परंपरा के गौहारवाणी शैली को गाने वाले पंडित जी अपने घराने के वरिष्ठ गायक थे। देश-विदेश में अनेकों प्रस्तुति पंडित जी ने दीं और लोगों का दिल जीता।
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पंडित अभय नारायण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ध्रुपद गायकी के स्तंभ पंडित अभय नारायण मल्लिक का मंगलवार रात निधन हो गया। कालीदास सम्मान और संगीत नाटक एकेडमी अवार्ड जैसे संगीत के अनेकों सम्मान पाने वाले पंडित जी ने अपने ग्रेटर नोएडा स्थित निवास स्थान पर आखिरी सांस ली। शास्त्रीय संगीत के प्राचीनतम शैली ध्रुपद धमार के प्रख्यात गायक पंडित अभय नारायण मल्लिक 86 साल के थे जिनका जन्म बिहार के दरभंगा मल्लिक घराने में हुआ।
सेनीया परंपरा के गौहारवाणी शैली को गाने वाले पंडित जी अपने घराने के वरिष्ठ गायक थे। देश-विदेश में अनेकों प्रस्तुति पंडित जी ने दीं और लोगों का दिल जीता। पंडित जी छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से 1984 में बतौर रीडर जुड़े। शास्त्रीय संगीत के हेड ऑफ डिपार्टमेंट एवं DEAN के पद से 1998 में रिटायर हुए।
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सेनीया परंपरा के गौहारवाणी शैली को गाने वाले पंडित जी अपने घराने के वरिष्ठ गायक थे। देश-विदेश में अनेकों प्रस्तुति पंडित जी ने दीं और लोगों का दिल जीता। पंडित जी छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से 1984 में बतौर रीडर जुड़े। शास्त्रीय संगीत के हेड ऑफ डिपार्टमेंट एवं DEAN के पद से 1998 में रिटायर हुए।
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पंडित अभय नारायण
- फोटो : सोशल मीडिया
संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और यूपी सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान से नवाजा। बिहार सरकार ने उन्हें संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए "बिहारी हो तो ऐसा" अवार्ड से नवाजा। पंडित अभय नारायण मल्लिक अपनी चंहुमुखी गायकी के लिए शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अलग पहचान रखते थे। उन्होंने गुरू शिष्य परंपरा के तहत कई शिष्य बनाए। उनके पीछे दरभंगा मलिक घराने की 300 वर्षों की परंपरा और उनकी विरासत है। पंडित जी के निधन से संगीत क्षेत्र में शोक की लहर है।