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Jawahar Navodaya Vidyalaya: धर्मेंद्र प्रधान की ममता बनर्जी को चिट्ठी, 24 परगना और मालदा में जमीन देने की मांग
Thu, 22 Sep 2022 08:48 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 22 Sep 2022 08:48 PM IST
सार
प्रधान ने ममता बनर्जी से व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त भूमि और अस्थायी आवास की पहचान और हस्तांतरण में तेजी लाने के निर्देश देने की मांग की है।
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राज्य को दक्षिण 24 परगना-I और मालदा में जवाहर नवोदय विद्यालय के स्थायी परिसरों के लिए भूमि आवंटित करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। प्रधान ने कहा कि दो विद्यालयों के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा 2007-08 और 2016 से अनसुलझा है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने पिछले साल 2007-08 से जेएनवी दक्षिण 24 परगना -1 के अस्थायी स्थल को वापस ले लिया था, छात्रों को पास के जेएनवी में स्थानांतरित कर दिया गया था और नए प्रवेश रोक दिए गए थे।
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जेएनवी-मालदा जिसे नवंबर, 2016 में स्वीकृत किया गया था, स्थायी परिसर और अस्थायी आवास के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि के अभाव में अभी भी यह कार्यात्मक नहीं है। जवाहर नवोदय विद्यालय आवासीय विद्यालयों की सरकार द्वारा संचालित कक्षा 6-12 श्रृंखला है। वे प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को प्रवेश देते हैं। प्रधान ने कहा कि जेएनवी खोलने के लिए लगभग 30 एकड़ उपयुक्त भूमि का प्रावधान, पर्याप्त अस्थायी किराया-मुक्त आवास, लगभग 240 छात्रों को समायोजित करने योग्य, संबंधित राज्य सरकार द्वारा 3 से 4 साल की अवधि के लिए विद्यालय चलाने के लिए प्रदान किया जाना होता है।
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प्रधान ने कहा कि जेएनवी दक्षिण 24 परगना को वर्ष 2007 में स्वीकृत किया गया था और जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की गई एक अस्थायी साइट से शैक्षणिक वर्ष 2007-08 के दौरान कार्यात्मक बना दिया गया था। प्रशासन ने निर्माण के लिए एनवीएस के पक्ष में भूमि हस्तांतरित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण की अभी भी प्रतीक्षित है और फरवरी, 2021 के दौरान अस्थायी साइट को भी वापस ले लिया गया। इसके कारण जेएनवी, दक्षिण 24 परगना- I में पढ़ने वाले छात्रों को पास के जेएनवी में स्थानांतरित करना पड़ा और विद्यालय में आगे के प्रवेश को भी रोक दिया गया।
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केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त भूमि और अस्थायी आवास की पहचान और हस्तांतरण में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। ताकि इन दोनों जिलों के ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के व्यापक हित में इन विद्यालयों को जल्द से जल्द चालू किया जा सके।