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धर्मेंद्र प्रधान बोले- जल्द ही पेट्रोल-डीजल आएंगे GST के दायरे में, दोनों हो जाएंगे सस्ते
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Apr 2018 05:34 AM IST
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डीजल की कीमत ऐतिहासिक रूप से शीर्ष स्तर पर पहुंचने और पेट्रोल की कीमत पांच वर्ष के उच्चतम स्तर पर चले जाने के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सरकार की कोशिश जल्द ही इन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की है। यदि ऐसा होता है, तो दोनों ईंधन अपने आप सस्ते हो जाएंगे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारत स्टेज (बीएस) छह मानक के पेट्रोल और डीजल की बिक्री शुरू करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में प्रधान ने कहा कि दोनों ईंधनों की कीमत बढ़ने पर सरकार भी उतनी ही चिंतित है, जितने ग्राहक। लेकिन इनकी कीमत कम करने के लिए तत्काल कुछ नहीं किया जा सकता है। लेकिन इन्हें जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिश धीरे-धीरे रंग लाती दिखती है। उनके मुताबिक, इस विषय पर पहले जीएसटी परिषद कोई बात सुनने को तैयार नहीं था, लेकिन अब इस पर चर्चा की सहमति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपील की है कि जीएसटी परिषद में इससे संबंधित प्रस्ताव लाकर इसे पारित कराया जाए। सरकार के लिए ग्राहकों का हित सर्वोपरि है, लेकिन उसे सभी पक्ष को देखना पड़ता है।
पेट्रो ईंधन पर ज्यादा कर लगाना मजबूरी
प्रधान का कहना है कि राज्यों को कल्याण के सौ काम करने पड़ते हैं और उनके पास संसाधनों की कमी होती है, इसलिए उसके लिए पेट्रो ईंधनों पर ज्यादा कर लगाकर राजस्व जुटाना पड़ रहा है। इसके लिए भी कोई भी उपाय ढूंढा जाएगा, ताकि ये ईंधन जीएसटी के दायरे में आ जाएं।
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उल्लेखनीय है कि इस समय पेट्रोल तथा डीजल समेत कुछ वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से अलग रखा गया है। जीएसटी की सूची में किसी भी तब्दीली के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद से इस आशय का प्रस्ताव पारित होना अनिवार्य है।
कीमतें तय करने में सरकार की भूमिका नहीं
प्रधान का कहना है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। पिछले साल जून से ही तेल विपणन करने वाली सरकारी कंपनियां इसे दैनिक आधार पर तय करती हैं। घरेलू बाजार में दोनों ईंधनों की कीमतें तय करने में अंतर्राष्ट्रीय बाजार की कीमतों को आधार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 70 डॉलर के ऊपर चला गया है, इसलिए कीमतें बढ़ रही हैं।
सोमवार को भी कीमतें बढ़ीं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत एक दिन पहले के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 73.83 रुपये प्रति लीटर पर थी, जो 14 सितंबर, 2013 के बाद का सर्वाधिक स्तर है। उस समय पेट्रोल की कीमत 76.06 रुपये पर पहुंच गई थी। इसी तरह सोमवार को डीजल की कीमत भी 11 पैैसे प्रति लीटर चढ़कर प्रति लीटर 64.69 रुपये पर पहुंची, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारत स्टेज (बीएस) छह मानक के पेट्रोल और डीजल की बिक्री शुरू करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में प्रधान ने कहा कि दोनों ईंधनों की कीमत बढ़ने पर सरकार भी उतनी ही चिंतित है, जितने ग्राहक। लेकिन इनकी कीमत कम करने के लिए तत्काल कुछ नहीं किया जा सकता है। लेकिन इन्हें जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिश धीरे-धीरे रंग लाती दिखती है। उनके मुताबिक, इस विषय पर पहले जीएसटी परिषद कोई बात सुनने को तैयार नहीं था, लेकिन अब इस पर चर्चा की सहमति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपील की है कि जीएसटी परिषद में इससे संबंधित प्रस्ताव लाकर इसे पारित कराया जाए। सरकार के लिए ग्राहकों का हित सर्वोपरि है, लेकिन उसे सभी पक्ष को देखना पड़ता है।
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पेट्रो ईंधन पर ज्यादा कर लगाना मजबूरी
प्रधान का कहना है कि राज्यों को कल्याण के सौ काम करने पड़ते हैं और उनके पास संसाधनों की कमी होती है, इसलिए उसके लिए पेट्रो ईंधनों पर ज्यादा कर लगाकर राजस्व जुटाना पड़ रहा है। इसके लिए भी कोई भी उपाय ढूंढा जाएगा, ताकि ये ईंधन जीएसटी के दायरे में आ जाएं।
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उल्लेखनीय है कि इस समय पेट्रोल तथा डीजल समेत कुछ वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से अलग रखा गया है। जीएसटी की सूची में किसी भी तब्दीली के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद से इस आशय का प्रस्ताव पारित होना अनिवार्य है।
कीमतें तय करने में सरकार की भूमिका नहीं
प्रधान का कहना है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। पिछले साल जून से ही तेल विपणन करने वाली सरकारी कंपनियां इसे दैनिक आधार पर तय करती हैं। घरेलू बाजार में दोनों ईंधनों की कीमतें तय करने में अंतर्राष्ट्रीय बाजार की कीमतों को आधार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 70 डॉलर के ऊपर चला गया है, इसलिए कीमतें बढ़ रही हैं।
सोमवार को भी कीमतें बढ़ीं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत एक दिन पहले के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 73.83 रुपये प्रति लीटर पर थी, जो 14 सितंबर, 2013 के बाद का सर्वाधिक स्तर है। उस समय पेट्रोल की कीमत 76.06 रुपये पर पहुंच गई थी। इसी तरह सोमवार को डीजल की कीमत भी 11 पैैसे प्रति लीटर चढ़कर प्रति लीटर 64.69 रुपये पर पहुंची, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।