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DGCA: eVTOLs के लिए नियामक ढांचा तैयार कर रहा है डीजीसीए, सरकार ने कहा- सामरिक रूप से किया जाएगा प्रबंधित
Mon, 03 Feb 2025 06:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 03 Feb 2025 06:25 PM IST
सार
राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि कि नियामक ढांचा डीजीसीए द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसमें इसके संचालन के लिए एएएम (एडवांस्ड एयर मोबिलिटी) से संबंधित नए नियम और मानक बनाना शामिल होगा।
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डीजीसीए
- फोटो : PTI
विस्तार
सरकार ने सोमवार को बताया कि एयर मोबिलिटी सॉल्यूशन जिनमें eVTOLs अभियानों को भी शामिल किया गया है, उनका प्रबंधन कूटनीतिक तौर पर एयर ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन करने के लिए किया गया है। इसके जरिए मानवरहित एयरक्राफ्ट्स की आवाजाही का प्रबंधन भी देखा जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक ऑफ और लैंडिंग (ईवीटीओएल) विमान के लिए नियामक ढांचा विकसित करेगा।
नियामक द्वारा वर्टिपोर्ट्स के डिजाइन, संचालन और प्राधिकरण और टेक-ऑफ, लैंडिंग को सक्षम बनाने के लिए मार्गदर्शन सामग्री जारी की गई है। राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि नियामक ढांचा डीजीसीए द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसमें इसके संचालन के लिए एएएम (एडवांस्ड एयर मोबिलिटी) से संबंधित नए नियम और मानक बनाना शामिल होगा। इसके साथ ही इसमें उड़ान योग्यता/प्रकार प्रमाणन, प्रशिक्षण और पायलट समेत अन्य परिचालन प्रक्रियाएं भी शामिल होंगे।
नियामक ढांचे के आधार पर सुरक्षित और कुशल एएम संचालन के लिए आवश्यक वर्टिपोर्ट, हवाई मार्ग और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना की जाएगी। मंत्री ने कहा, "एयर मोबिलिटी सॉल्यूशन में eVTOLs अभियानों को भी शामिल किया गया है, उनका प्रबंधन कूटनीतिक तौर पर एयर ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन करने के लिए किया गया है। इसके जरिए मानवरहित एयरक्राफ्ट्स की आवाजाही का प्रबंधन भी देखा जाएगा। इन अभियानों के जरिए कई छोटे एयरक्राफ्ट और ड्रोन्स की आवाजाही का प्रबंधन किया जाएगा।" एएएम डीजीसीए ईएएसए (यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी), आईसीएओ (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन), एफएए (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) और एपीएसी (सीएए सिंगापुर) के साथ भी सहयोग कर रहा है।
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नियामक द्वारा वर्टिपोर्ट्स के डिजाइन, संचालन और प्राधिकरण और टेक-ऑफ, लैंडिंग को सक्षम बनाने के लिए मार्गदर्शन सामग्री जारी की गई है। राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि नियामक ढांचा डीजीसीए द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसमें इसके संचालन के लिए एएएम (एडवांस्ड एयर मोबिलिटी) से संबंधित नए नियम और मानक बनाना शामिल होगा। इसके साथ ही इसमें उड़ान योग्यता/प्रकार प्रमाणन, प्रशिक्षण और पायलट समेत अन्य परिचालन प्रक्रियाएं भी शामिल होंगे।
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नियामक ढांचे के आधार पर सुरक्षित और कुशल एएम संचालन के लिए आवश्यक वर्टिपोर्ट, हवाई मार्ग और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना की जाएगी। मंत्री ने कहा, "एयर मोबिलिटी सॉल्यूशन में eVTOLs अभियानों को भी शामिल किया गया है, उनका प्रबंधन कूटनीतिक तौर पर एयर ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन करने के लिए किया गया है। इसके जरिए मानवरहित एयरक्राफ्ट्स की आवाजाही का प्रबंधन भी देखा जाएगा। इन अभियानों के जरिए कई छोटे एयरक्राफ्ट और ड्रोन्स की आवाजाही का प्रबंधन किया जाएगा।" एएएम डीजीसीए ईएएसए (यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी), आईसीएओ (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन), एफएए (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) और एपीएसी (सीएए सिंगापुर) के साथ भी सहयोग कर रहा है।
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