महाराष्ट्र सरकार पर बरसे देवेंद्र फडणवीस, बोले- उमर खालिद की सभा में थे दो मंत्री
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नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस शनिवार को राज्य की ठाकरे सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दो मंत्री उमर खालिद की सभा में उपस्थित रहते हैं और इसके बाद दिल्ली में दंगे होते हैं। इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
वहीं, सीएए को लेकर सरकार की दोहरी भूमिका है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सीएए पर अपना समर्थन देते हैं और दूसरी और मुंबई लौटने पर इसके लिए समिति गठित करते हैं।
फडणवीस ने कहा कि उमर खालिद की सभा में मंत्रियों की उपस्थिति बेहद गंभीर मामला है। विधानसभा में बजट अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि अमरावती और यवतमाल में हुई सभा में दो मंत्री उपस्थित थे।
इस सभा में उमर खालिद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के वक्त सड़क पर उतरकर अपनी ताकत दिखाने की चुनौती दी थी। इसके बाद ट्रंप भारत आए और उसी दिन दिल्ली में दंगे हुए और 42 लोगों की जान चली गई। इसके बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आपस में भिडे़ सत्ता पक्ष और विपक्ष
बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में नागरिकता कानून, एनपीआर और एनआरसी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आपस में भिड़ गए। नागरिकता कानून से जुड़ा मुद्दा उठाने पर सत्तापक्ष ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि मामले की सुनवाई सर्वोच्च अदालत में चल रही है, इसलिए इस पर सदन में नहीं बोला जा सकता। शोर शराबे के बीच सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
फडणवीस सरकार में अपराध की राजधानी बन गई थी नागपुर: देशमुख
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि फडणवीस सरकार के दौरान नागपुर पहचान अपराध की राजधानी बन गई थी। लेकिन अब राज्य भर में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक है। देशमुख ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोलते हुए कहा कि कुख्यात गुंडा संतोष और मुन्ना यादव को किसने आश्रय दिया था। यह सभी जानते हैं।
शनिवार को विधान परिषद में कानून-व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों को लेकर हुए अंतिम सप्ताह प्रस्ताव चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री देशमुख ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगर दिल्ली के शाहीन बाग के आंदोलनकारियों से चर्चा की होती तो पूरे देश में शाहीन बाग नहीं पसरता।
देशमुख ने दिल्ली हिंसा पर दिल्ली हाईकोर्ट के तत्कालीन जज मुरलीधर के आदेश का उल्लेख किया। भाजपा के सदस्यों ने शाह का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई। इसके बाद देशमुख ने सफाई दी कि शाह हम सभी के गृह मंत्री हैं।
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ मुंबई बाग समेत राज्य भर में हुए आंदोलन में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का अभी तक सीधे कोई संबंध सामने नहीं आया है। फिर भी सरकार गहराई से जांच करेगी।
महाराष्ट्र से 603 बांग्लादेशी वापस भेजे गए : देसाई
महाराष्ट्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ 2015 से 2019 के बीच 660 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें 3431 आरोपी हैं, जबकि 603 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया है। गृह राज्यमंत्री देसाई ने कहा कि मुंबई के साकीनाका में 15 जनवरी 2020 को तीन बांग्लादेशी मिले थे।
तीनों को गिरफ्तार किया गया है। पालघर के अरनाला में 12 फरवरी 2020 को 22 बांग्लादेशी पकड़े गए थे। इसमें 10 महिला और 12 पुरुष हैं।
महाराष्ट्र- दिशा कानून बनाने के लिए दो दिन का विशेष सत्र बुलाएगी सरकार- देशमुख
कोरोना वायरस के चलते महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हो गया। लेकिन महिलाओं पर अत्याचार रोकने का कानून नहीं बन पाया। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शनिवार को कहा कि महिला अत्याचार के खिलाफ कठोर कानून बनाने के लिए दो दिवसीय विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इसमें आंध्र प्रदेश में लागू दिशा एक्ट की तरह कठोर कानून बनाया जाएगा।
देशमुख ने कहा कि विधानमंडल सत्र की कालावधि 20 मार्च तक निर्धारित थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते सत्र की कालावधि घटा दी गई है। इसके चलते महिला अत्याचार विरोधी नया कानून बनाना संभव नहीं हो पाया।
लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म होने के बाद विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विनती करेंगे। उसके बाद दिशा एक्ट की तर्ज पर कठोर कानून बनाया जाएगा। जिससे महिलाओं पर अत्याचार करने वाले दोषिय़ों को जल्द और शीघ्र सजा मिल सकेगी।