फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Developments in Helmets according to Indian weather and transport ministry

देश में पहली बार, जल्द देखने को मिलेंगे भारतीय मौसम के हिसाब से हेलमेट 

Fri, 06 Jul 2018 02:42 AM IST
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 06 Jul 2018 02:42 AM IST
विज्ञापन
Developments in Helmets according to Indian weather and transport ministry

देश में पहली बार स्थानीय मौसम के हिसाब से हेलमेट तैयार होंगे। नए हेलमेट की डिजाइन पर निर्माता कम्पनियों ने भी अपनी सहमति दे दी है। मार्केट में फिलहाल जो हेलमेट उपलब्ध हैं, वे पश्चिमी देशों की तर्ज पर बने हैं। लिहाजा इन्हें हर मौसम में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 

विज्ञापन


यही वजह है कि भारत में हेलमेट का इस्तेमाल व्यावहारिक तौर पर बहुत कम है। अधिकांश जगहों पर अभी तक ट्रैफिक चालान से बचने के लिए ही हेलमेट पहना जाता है। 

नए हेलमेट का डिजाइन भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय व भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने तैयार किया है। फिलहाल बीआईएस ने दो सौ से ज्यादा कंपनियों को आईएसआई मार्का हेलमेट बनाने की मंजूरी दे रखी है। नए हेलमेट तैयार करने के लिए कई और कम्पनी भी सामने आ रही हैं।
विज्ञापन


भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि हमारे देश में अधिकांश जगहों पर हेलमेट को अभी तक सुरक्षा के लिहाज से नहीं देखा जाता। 

मंत्रालय द्वारा कराई गई रिसर्च में कई बातें सामने आई। जैसे, हेलमेट का अधिक सुविधाजनक न होना, पर्याप्त हवा न आने के कारण घुटन का अहसास, बाल खराब होने का डर, अधिक वजन, ओवर डिजाइन, गर्मी में पसीना अधिक आना तो सर्दी में ठंड लगना और पीछे से आ रहे वाहनों का हॉरन कम सुनाई पड़ना, आदि बातें शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी देशों में भारी बाइक जो तेज दौड़ती हैं, इनका शौक ज्यादा देखने को मिलता है। वहां उसके अनुसार ही हेलमेट का डिजाइन तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नया हेलमेट स्थानीय परिस्थतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे धूल-मिट्टी से बचाव, पसीना न आए और भारतीय सड़कों व दुपहिया वाहनों की रफ्तार, आदि बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। नए हेलमेट की कीमत औसतन आठ सौ रुपये रहेगी। 

नया हेलमेट कुछ ऐसा होगा......

Developments in Helmets according to Indian weather and transport ministry

- उपर देखने के लिए 7 डिग्री व नीचे की ओर देखना है तो 45 डिग्री का एंगल रहेगा 

- वजन डेढ़ किलोग्राम से अधिक नहीं होगा

- पीछे से आने वाले वाहनों के हॉरन की आवाज दस डेसीबल से अधिक नहीं प्रभावित होगी 

- हवा आसानी से अंदर-बाहर जा सके, इसके लिए हेलमेट में सूक्ष्म छिद्र रहेंगे 

- वाइजर यानी हेलमेट के आगे ठोस प्लास्टिक का पारदर्शी शीशा लगा होगा 

- हेलमेट पहनने के बाद वाहन चालक 105 डिग्री एंगल पर दोनों तरफ देख सकेगा

भारत मानक ब्यूरो द्वारा तैयार दो सौ से अधिक कंपनियां आईएसआई मार्का के तहत नया हेलमेट बनाएंगी। इनमें करीब 130 कंपनी दिल्ली में हैं। कई विदेशी कंपनियों को भी नया हेलमेट बनाने का लाइसेंस दिया गया है।

संजय पंत, निदेशक, सिविल इंजीनियरिंग (बीआईएस) 

टोपीनुमा हेलमेट है सबसे खतरनाक....

बीआईएस के विशेषज्ञों का कहना है कि भवन निर्माण स्थल या फिर दूसरी जगहों पर सुरक्षा के लिए पहने जाने वाला टोपीनुमा हेलमेट दुपहिया वाहन की सवारी के दौरान सबसे ज़्यादा खतरनाक होता है। सड़क हादसे के दौरान यह हेलमेट चालक या उसके पीछे बैठे व्यक्ति की कोई सुरक्षा नहीं कर पाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed