संसद लौटने पर बोले देवगौड़ा- राज्यसभा जाने में दिलचस्पी नहीं, पार्टी को करुंगा मजबूत
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जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को लेकर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह राज्यसभा सदस्य के तौर पर संसद लौट सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह संसद भवन लौट रहे हैं तो उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा की मैं पार्टी को मजबूत करुंगा।
देवगौड़ा ने कहा, 'मेरी राज्यसभा जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मेरी चिंता पार्टी को बनाने और मजबूत करने की है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं अब कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा।' बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गौड़ा ने अपनी पारंपरिक गढ़ हसन को छोड़ दिया था। यहां से वह पांच बार (1991 से 2014) सांसद चुने गए थे।
Janata Dal(Secular) Chief&Former Prime Minister H D Deve Gowda on reports of him contesting Rajya Sabha elections: I'm not interested to go to Rajya Sabha. My concern is to build & strengthen the party. I had declared earlier that I will not contest elections anymore. #Karnataka pic.twitter.com/QTFwdJZlBd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 12, 2020
2019 में इस सीट को उन्होंने अपने पोते प्राज्वल रेवन्ना के लिए छोड़ दिया था और खुद तुमकुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। रेवन्ना को जहां जीत मिली। वहीं गौड़ा भाजापा उम्मीदवार जीएस बासवाराज से केवल 13,000 वोटों से हार गए थे। राज्य में भाजपा ने 28 में से 25 सीटों पर जीत हासिल की थी।
इस साल जून में राज्य की चार राज्यसभा सीटें खाली हो जाएंगी। कांग्रेस के राजीव गौड़ा और बीके हरि प्रसाद, भाजपा के प्रभाकर कोरे और जोडीएस के केडी कुपेन्द्र रेड्डी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। ऐसे में गौड़ा के लिए संसद में फिर से प्रवेश करने का अवसर है।
राज्य विधानसभा की संरचना का बात करें तो दो निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन के अलावा भाजपा के पास 117 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 68 सीटें हैं और जेडीएस के पास 34 हैं। अन्य दो सीटें बहुजन समाज पार्टी और एक नामित सदस्य के पास हैं।