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मणिपुर में बिगड़े हालात: एक के बाद एक तीन घटनाएं, हिंसा में सात की मौत; धमाके में सीआरपीएफ के तीन जवान घायल

Mon, 19 Oct 2026 09:18 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 19 Oct 2026 09:18 PM IST
सार

मणिपुर में अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि सीआरपीएफ के तीन जवानों समेत कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

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Deteriorating situation in Manipur Three consecutive incidents seven deaths in violence CRPF personnel injured
मणिपुर में फिर क्यों भड़की हिंसा? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में 18 और 19 अक्टूबर को हिंसा की तीन अलग-अलग घटनाओं से तनाव बढ़ गया। एक तरफ थौबल जिले के खांगाबोक में पत्थरबाजी के बाद दो समुदायों के बीच तनाव फैल गया, तो दूसरी ओर काकवा लामदाइबुंग में आईईडी धमाका हुआ। इसके अलावा, सागोलमांग थाना क्षेत्र के सुनुलोक पहाड़ी इलाके में लकड़ी काटने और ले जाने गए ग्रामीणों पर हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी कर दी। इन घटनाओं में कुल सात लोगों की मौत हुई है। वहीं, सीआरपीएफ के तीन जवानों समेत कई लोग घायल हुए हैं।

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खांगाबोक में पत्थरबाजी के बाद भड़का तनाव, एक की मौत
मणिपुर पुलिस के एडीजीपी ल्हारी दोर्जी ल्हातू ने घटनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की रात करीब 11:20 बजे थौबल जिले के खांगाबोक पाली बाजार में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की। इसके बाद दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया और खांगाबोक तथा संगकफाम के लोग भी इसमें शामिल हो गए। हालात बिगड़ने पर गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं हुईं।
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पुलिस गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी
इस दौरान एक व्यक्ति को गोली लगी। उसे राज मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब 12:40 बजे उसकी मौत हो गई। कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। स्थिति को संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), सीआरपीएफ, असम राइफल्स और पुलिस की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं। सुरक्षा बलों ने रात करीब 1:50 बजे तक हालात पर काबू पा लिया। पुलिस अब पत्थरबाजी और गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और इलाके में अवैध हथियारों की तलाश भी की जा रही है।
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काकवा में आईईडी धमाका, सीआरपीएफ के तीन जवान घायल
दूसरी घटना रात करीब 11:41 बजे काकवा लामदाइबुंग लम्फाक इलाके में हुई। यहां सिंगजामेई पुलिस थाने के पास आईईडी धमाका हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए राज मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एडीजीपी ने बताया कि पुलिस को इस घटना से जुड़े कुछ सुराग मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

लकड़ी लेने गए ग्रामीणों पर गोलीबारी, तीन की मौत
19 अक्टूबर की सुबह करीब 9:40 बजे सुनुलोक पहाड़ी इलाके में हथियारबंद लोगों ने 14 मैतेई ग्रामीणों के एक समूह पर गोलीबारी कर दी। ये ग्रामीण खोंगबल के आगे तांगखुल इलाके में लकड़ी काटने और उसे ले जाने के काम में जुटे थे। यह जगह सागोलमांग पुलिस थाने के अंतर्गत आती है। गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल लोगों को लेकर कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन और हेलीकॉप्टर से निगरानी
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा कमांडो, असम राइफल्स और बीएसएफ की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं। संदिग्धों की तलाश के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इलाकों में तलाशी अभियान के साथ खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद ली जा रही है। हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। जिला स्तर पर आपात योजनाओं को सक्रिय कर दिया गया है। जगह-जगह संयुक्त नाके लगाए गए हैं और मोबाइल जांच चौकियों के जरिए वाहनों तथा लोगों की जांच की जा रही है।

आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा
एडीजीपी ने कहा कि पुलिस सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं, ताकि हालात को सामान्य किया जा सके और आगे हिंसा न फैले। उन्होंने साफ कहा कि इन घटनाओं में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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पुलिस की लोगों से अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे कानून अपने हाथ में न लें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों, अफवाहों या भड़काऊ संदेशों पर भरोसा न करें। ऐसी सामग्री को आगे साझा करने से भी बचें, क्योंकि इससे तनाव और बढ़ सकता है। पुलिस ने सभी समुदायों से सुरक्षा बलों का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना से जुड़ी जानकारी नजदीकी पुलिस थाने या केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को देने को कहा है। पुलिस के मुताबिक, जांच से जुड़ी पुष्ट जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

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