नोटबंदी से नहीं टूटी थी माओवादियों की 'कमर', ऐसे जमा करवाए थे पुराने नोट
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पिछले साल जब केंद्र सरकार ने नोटबंदी की थी तब कहा गया था कि इससे भ्रष्टाचार के साथ-साथ आतंकवादियों और माओवादियों पर नकेल कसी जा सकेगी, लेकिन अब एक खबर आई है जिसके मुताबिक, नोटबंदी के दौरान भी माओवादियों ने पैसे बदले थे।
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नक्सल रोधी ऑपरेशन के डीजी डीएम अवस्थी ने जानकारी दी है कि सात नवंबर को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के पास एक एनकाउंटर हुआ था। उसमें जो माओवादी मारे गए उनके पास से काफी सारा सामान बरामद हुआ था।
उस सामान में एक अकाउंट बुक थी जिसमें माओवादी अपने खर्चों का हिसाब-किताब रखते थे। उन बीस 20 पन्नों में लिखा है कि नोटबंदी के दौरान उन लोगों ने दो लाख के पुराने 500-1000 के नोट जमा किए थे। पन्नों में माओवादियों ने उनके द्वारा किए गए कुछ खर्चों का भी जिक्र किया है।
डीएम अवस्थी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नोटबंदी से माओवादियों में हड़कंप मच गया था और वह उस दौरान काफी एक्टिव थे। इसी दौरान उन्होंने लोगों को डरा-धमकाकर किसी तरह दो लाख रुपए जमा करवा लिए थे। डीएम अवस्थी ने आगे बताया कि मारे गए माओवादियों के पास बहुत सारा कैश ऐसा था जिसे वे बदल नहीं पाए थे।
During #Demonetisation forces were very active & a lot of money was recovered, Naxals were not able to exchange much of it. Naxals threaten to kill people because of which people are forced to give them money: DM Awasthi, DG, Anti-Naxal Ops #Chhatisgarh pic.twitter.com/NjnuA1JhWe
— ANI (@ANI) November 23, 2017