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AMU हिंसा: सीबीआई जांच हुई तो बेनकाब होंगे कई चेहरे
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Thu, 28 Apr 2016 04:40 AM IST
सार
- उपद्रव में शामिल लोगों में कुछ बेहद प्रभावशाली
- एएमयू की बड़े हस्तियों का रहता है उनके पीठ पर हाथ
- सीबीआई या एसटीएफ से घटना की जांच कराने की मांग
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उपद्रव में शामिल लोगों में कुछ बेहद प्रभावशाली
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विस्तार
एएमयू में 23 अप्रैल की रात्रि में दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प एवं कैंपस में आगजनी की घटना की जांच के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सीबीआई या एसटीएफ जांच कराने की मांग की है। इसकी खबर मिलने के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। यदि सीबीआई जांच हुआ तो कई चेहरे बेनकाब होंगे।
करीब सात महीने पहले एएमयू छात्र आलमगीर की दिन दहाड़े कैंपस में गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। कैंपस का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। छात्रों के दबाव को देखते हुए एएमयू कुलपति लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले और आलमगीर हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं स्थानीय प्रशासन को भी सीबीआई जांच के लिए लिखा था। लेकिन आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं हो सकी। अब एएमयू की ताजा हिंसक घटना के बाद कुलपति ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से सीबीआई या एसटीएफ से घटना की जांच कराने की मांग की है।
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करीब सात महीने पहले एएमयू छात्र आलमगीर की दिन दहाड़े कैंपस में गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। कैंपस का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। छात्रों के दबाव को देखते हुए एएमयू कुलपति लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले और आलमगीर हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।
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उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं स्थानीय प्रशासन को भी सीबीआई जांच के लिए लिखा था। लेकिन आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं हो सकी। अब एएमयू की ताजा हिंसक घटना के बाद कुलपति ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से सीबीआई या एसटीएफ से घटना की जांच कराने की मांग की है।
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उपद्रवियों की पीठ पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ
AMU में बवाल
- फोटो : amar ujala bureau
मौजूदा घटनाक्रम को लोग पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर मान रहे है। इसमें दो युवकों की जान के साथ-साथ संपत्ति एवं महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट को भी निशाना बनाकर जलाया गया है। जिलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रियल जांच शुरू कराने के बाद लोग तरह-तरह की चर्चा करने लगे थे कि अब बाहर की एजेंसी से एएमयू प्रशासन जांच नहीं कराएगा। कुलपति ने दृढ़ता दिखाते हुए एक बार फिर सीबीआई या एसटीएफ जांच कराने की मांग की है। इससे वैसे लोग बेहद परेशान है जो उपद्रव में शामिल हुए है या जिनका उपद्रवियों से नजदीकी संबंध है।
चर्चा तो यह भी है कि उपद्रवियों की पीठ पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है। जानकारों की माने तो उपद्रव में ऐसे लोग भी सामने आए है जिनका एएमयू के प्रमुख लोगों के नजदीक अक्सर देखे जाते थे। यह भी कहा जा रहा है कि इनमें से कुछ अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभिन्न कोर्सों में छात्रों को दाखिला तक दिला देते थे।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी हिंसक घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर चुके है। इनका तो यह भी आरोप है कि इस हिंसक वारदात के पीछे इंतजामिया के करीबी लोगों का हाथ है। अमुटा अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग का कहना है कि सीबीआई जांच होने की स्थिति में पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
चर्चा तो यह भी है कि उपद्रवियों की पीठ पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है। जानकारों की माने तो उपद्रव में ऐसे लोग भी सामने आए है जिनका एएमयू के प्रमुख लोगों के नजदीक अक्सर देखे जाते थे। यह भी कहा जा रहा है कि इनमें से कुछ अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभिन्न कोर्सों में छात्रों को दाखिला तक दिला देते थे।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी हिंसक घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर चुके है। इनका तो यह भी आरोप है कि इस हिंसक वारदात के पीछे इंतजामिया के करीबी लोगों का हाथ है। अमुटा अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग का कहना है कि सीबीआई जांच होने की स्थिति में पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।