{"_id":"635f8a21082d4b16702d59dc","slug":"demand-for-voting-rights-for-prisoners-supreme-court-seeks-replies-from-centre-ec","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court : कैदियों को मिले मतदान का अधिकार, PIL पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court : कैदियों को मिले मतदान का अधिकार, PIL पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Mon, 31 Oct 2022 02:11 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 31 Oct 2022 02:11 PM IST
सार
यह याचिका 2019 में आदित्य प्रसन्न भट्टाचार्य ने दायर की थी। उस वक्त वे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी थे। याचिका में जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 62(5) की वैधता को चुनौती दी गई है। यह धारा जेल में बंद व्यक्ति को मतदान से रोकती है। पीठ मामले में अब 29 दिसंबर को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश की जेलों में बंद कैदियों को मतदान का अधिकार देने की मांग उठी है। इसे लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी जवाब मांगा है।
विज्ञापन
पीआईएल के जरिए जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई है, जो कैदियों को मतदान से वंचित करता है। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित, जस्टिस एस. रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने वकील जोहेब हुसैन की याचिका पर संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय व चुनाव आयोग को नोटिस जारी किए हैं।
विज्ञापन
यह याचिका 2019 में आदित्य प्रसन्न भट्टाचार्य ने दायर की थी। उस वक्त वे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी थे। याचिका में जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 62(5) की वैधता को चुनौती दी गई है। यह धारा जेल में बंद व्यक्ति को मतदान से रोकती है। पीठ मामले में अब 29 दिसंबर को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
जेल में बंद व्यक्ति नहीं कर सकता मतदान
जनप्रतिनिधित्व कानून की उक्त धारा में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो जेल में बंद हो, वह किसी भी चुनाव में मतदान नहीं कर सकेगा। ऐसे व्यक्ति को चाहे कारावास हुआ हो, वह ट्रांजिट रिमांड पर हो या पुलिस हिरासत में, उसे मतदान की पात्रता नहीं होगी।