{"_id":"5b24126f4f1c1b8c278b5f25","slug":"demand-for-generic-medicines-on-the-medical-store-will-not-be-granted-the-license-will-be-canceled","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मेडिकल स्टोर पर मांगिए जेनेरिक दवाएं, नहीं देने पर लाइसेंस होगा रद्द","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अब मेडिकल स्टोर पर मांगिए जेनेरिक दवाएं, नहीं देने पर लाइसेंस होगा रद्द
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
एसीबी का छापा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन महीने बाद आपके लिए किसी भी मेडिकल स्टोर पर जाकर नामी कंपनियों की महंगी दवाई खरीदने की बाध्यता नहीं रहेगी। आप उसी फॉर्मूले वाली सस्ती और बेहतर जेनेरिक दवा देने की मांग मेडिकल स्टोर मालिक से कर सकते हैं। मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार हर दवा दुकान पर जेनेरिक दवाएं रखना अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिए तीन माह के भीतर नया कानून लागू कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को हुई एक बैठक में ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने बताया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद 12 जून को उसकी तरफ से सभी राज्यों को इस बारे में एडवाइजरी जारी कर दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ड्रग टेकभनीकल बोर्ड ने सभी दुकानों पर जेनेरिक दवाएं अनिवार्य तौर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि इन्हें अलग आलमारी पर बाकायदा जेनेरिक दवाएं लिखकर इस तरह रखा जाए कि कस्टमर को आसानी से दिखाई दे। एडवाइजरी में राज्यों को इन निर्देशों की जानकारी सभी लाइसेंस प्राप्त दवा दुकानों को देकर इसका पालन कराया जाए।
कोई भी दुकानदार नहीं कर सकता है इंकार
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान करीब 3200 नए जेनेरिक दवा स्टोर शुरू किए हैं, जबकि इससे पहले करीब 400 स्टोर ही मौजूद थे। जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए अब हर दवा दुकान पर इसे रखना अनिवार्य किया जा रहा है। एक संयुक्त निदेशक के अनुसार, अगले तीन महीने में इस एडवाइजरी को ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट में बदलाव कर कानून में भी बदल दिया जाएगा, जिसके बाद कोई भी दवा दुकानदार जेनेरिक दवाएं रखने से इंकार नहीं कर सकता। अगर ऐसा होता है तो संबंधित जिला औषधि विभाग उसका लाइसेंस तक निरस्त कर सकता है।
विज्ञापन
करोड़ों का बढ़ेगा जेनेरिक कारोबार, भंडारण तैयार
प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रत्येक दवा दुकान पर जेनेरिक दवाएं रखने से कई करोड़ रुपये के कारोबार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही बाजार में इन दवाओं की मांग भी कई सौ गुना बढ़ेगी। इस दौरान दवाओं की कमी ना हो, इसके लिए अगले दो महीने के भीतर सरकार काफी मात्रा में दवाओं का भंडारण कर लेगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को हुई एक बैठक में ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने बताया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद 12 जून को उसकी तरफ से सभी राज्यों को इस बारे में एडवाइजरी जारी कर दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ड्रग टेकभनीकल बोर्ड ने सभी दुकानों पर जेनेरिक दवाएं अनिवार्य तौर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि इन्हें अलग आलमारी पर बाकायदा जेनेरिक दवाएं लिखकर इस तरह रखा जाए कि कस्टमर को आसानी से दिखाई दे। एडवाइजरी में राज्यों को इन निर्देशों की जानकारी सभी लाइसेंस प्राप्त दवा दुकानों को देकर इसका पालन कराया जाए।
विज्ञापन
कोई भी दुकानदार नहीं कर सकता है इंकार
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान करीब 3200 नए जेनेरिक दवा स्टोर शुरू किए हैं, जबकि इससे पहले करीब 400 स्टोर ही मौजूद थे। जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए अब हर दवा दुकान पर इसे रखना अनिवार्य किया जा रहा है। एक संयुक्त निदेशक के अनुसार, अगले तीन महीने में इस एडवाइजरी को ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट में बदलाव कर कानून में भी बदल दिया जाएगा, जिसके बाद कोई भी दवा दुकानदार जेनेरिक दवाएं रखने से इंकार नहीं कर सकता। अगर ऐसा होता है तो संबंधित जिला औषधि विभाग उसका लाइसेंस तक निरस्त कर सकता है।
विज्ञापन
करोड़ों का बढ़ेगा जेनेरिक कारोबार, भंडारण तैयार
प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रत्येक दवा दुकान पर जेनेरिक दवाएं रखने से कई करोड़ रुपये के कारोबार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही बाजार में इन दवाओं की मांग भी कई सौ गुना बढ़ेगी। इस दौरान दवाओं की कमी ना हो, इसके लिए अगले दो महीने के भीतर सरकार काफी मात्रा में दवाओं का भंडारण कर लेगी।