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Animal Husbandry: देश के बाजारों में दाल-सब्जी से ज्यादा अंडे-मछली,मीट की बढ़ी डिमांड, सरकार ने दिए ये आंकड़े

Thu, 08 Aug 2024 05:42 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 08 Aug 2024 05:42 PM IST
सार

हाल ही में लोकसभा के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी ने पशुधन उत्पाद की डिमांड का मामला उठाया था। इसी के संबंध में सरकार ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आंकड़े पेश किए हैं। सरकार का कहना है कि, देश में मीट उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। जबकि मछली का उत्पादन करीब 174 लाख टन पर पहुंच गया है।  

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demand for fish increased by 33 percent and the demand for eggs increased by 47 percent In 2021-22
मछली और अंडे की मांग बढ़ी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इन दिनों देश में सब्जी-अनाज की डिमांड कम हो रही है। जबकि मछली और अंडे की डिमांड में पहले की तुलना में इजाफा होते दिख रहा है। केंद्र सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में इससे संबंधित आंकड़े भी पेश किए है।

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केंद्र सरकार ने लोकसभा में अंडे-मछली और मीट की डिमांड बढ़ने के आंकड़े सामने रखे हैं। इन आंकड़ों मुताबिक साल 2011-12 के मुकाबले साल 2021-22 में मछली की डिमांड 33 फीसद बढ़ी है। जबकि अंडे की डिमांड में 47 फीसद का इजाफा हुआ है। सभी तरह के मीट डिमांड 31 फीसदी तक बढ़ी है। इस आंकड़े को सरकार ने अनुमान के तौर पर बताया है।
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हाल ही में लोकसभा के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी ने पशुधन उत्पाद की डिमांड का मामला उठाया था। इसी के संबंध में सरकार ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आंकड़े पेश किए हैं। सरकार का कहना है कि, देश में मीट उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। जबकि मछली का उत्पादन करीब 174 लाख टन पर पहुंच गया है। कोरोना के बाद से इसमें और तेजी देखी जा रही है। पशुपालन से जुड़े प्रोडक्ट का योगदान बढ़ रहा है।
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सरकार का कहना है कि, बीते साल देश में 14 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ था। जबकि मीट का उत्पादन एक करोड़ टन हुआ था। इसमें चिकन की हिस्सेदारी करीब 50 लाख टन थी। वहीं मछली का उत्पादन 174 लाख टन पर पहुंच गया है। जबकि झींगा भी 10 लाख टन को पार कर चुका है। पशुपालन मंत्रालय की एक रिपोर्ट बताती है कि, बीते साल के मुकाबले 25 करोड़ मुर्गों को प्रोडक्शन बढ़ गया है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि साल 2021-22 में 306 करोड़ मुर्गों का चिकन खाया गया था। इस चिकन की मात्रा 48 लाख टन थी। जबकि साल 2022-23 में 331 करोड़ मुर्गों का 50 लाख टन चिकन खाया गया है।

जुलाई में वेज थाली के दाम 11 फीसदी हुए महंगे
टमाटर की बढ़ती कीमतों का असर खाने पर दिखाई देने लगा है। जुलाई के महीने में शाकाहारी थाली 11 प्रतिशत तक महंगी हो गई। संस्था क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस की मासिक रोटी चावल दर रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2024 की तुलना में जुलाई में मांसाहारी थाली भी छह प्रतिशत महंगी हो गई है। रोटी, सब्जियां (प्याज, टमाटर और आलू), चावल, दाल, दही और सलाद वाली शाकाहारी थाली की कीमत जुलाई 2024 में 32.6 रुपये प्रति प्लेट थी जबकि जून 2024 में इसकी दर 29.4 रुपये प्रति प्लेट थी।


संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, जून की तुलना में जुलाई महीने में शाकाहारी थाली की कीमतों में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसका मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में उछाल आना था। इसका शाकाहारी थाली की कीमत बढ़ोतरी में सात प्रतिशत योगदान रहा है।मांसाहारी थाली की कीमत भी जुलाई के महीने में छह प्रतिशत बढ़कर 61.4 रुपये प्रति प्लेट हो गई जबकि जून में इसकी कीमत 58 रुपये प्रति प्लेट थी। मांसाहारी थाली में अमूमन शाकाहारी थाली वाली सामग्री ही होती है लेकिन उसमें दाल की जगह चिकन होता है।

 

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